भोपाल। स्थानीय देवी अहिल्या बाई सभागार में आयोजित नगर सलाहकार समिति की बैठक में प्रबंधन और प्रतिनिधि यूनियन के सदस्यों के बीच विभिन्न टाउनशिप और कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में हेस्टू (एचएमएस) की ओर से वरिष्ठ प्रतिनिधि एस सेंथिल कुमार, छोटे लाल कोरी और मनीष टेकरे ने सहभागिता की। इस दौरान एचएमएस प्रतिनिधियों ने प्रबंधन द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना या टीएसी मेंबर्स और प्रतिनिधि यूनियनों से चर्चा किए बिना पानी के शुल्क में की गई वृद्धि पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और इसका पुरजोर विरोध दर्ज कराया। यूनियन ने बढ़ाई गई शुल्क राशि को तत्काल वापस लेने तथा इस वृद्धि पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। इसके साथ ही क्वार्टर में रह रहे कर्मचारियों को लाइसेंस फीस, पानी शुल्क से राहत देने तथा राज्य सरकार की तर्ज पर 150 यूनिट तक बिजली शुल्क मुक्त रखने का प्रस्ताव कॉर्पोरेट कार्यालय भेजने का आग्रह किया गया।
यूनियन ने टाउनशिप के रखरखाव और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को भी प्रमुखता से प्रबंधन के समक्ष रखा। इनमें बरसात से पूर्व सभी बड़े नालों व नालियों की टेंडर होने के बावजूद सफाई न होने पर असंतोष व्यक्त किया गया, वहीं पिपलानी डी-सेक्टर (क्वार्टर नंबर 1129/N/4) में खतरनाक स्थिति में खड़े पेड़ की छंटाई न होने पर कड़ा विरोध जताया गया। एचएमएस ने मांग की है कि सड़क निर्माण और वॉटर प्रूफिंग जैसे आवश्यक कार्यों के टेंडर अनवरत चलते रहने चाहिए, ताकि टाउनशिप की व्यवस्थाएं बाधित न हों। इसके अलावा, जलापूर्ति के दौरान पानी की मोटर चलाने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए बिजली कटौती की मांग की गई, जिसका बैठक में उपस्थित अन्य यूनियनों ने विरोध किया।
यूनियन ने त्रिवेणी हॉस्टल की प्रबंधन समिति में बदलाव करने व कर्मचारियों को समय पर वेतन देने, सोसायटी कर्मचारियों के क्वार्टर आवंटन में सीनियरिटी या लकी ड्रॉ लागू करने, पिपलानी डिस्पेंसरी की पार्किंग बढ़ाने और बरखेड़ा बाल यातायात पार्क को पुनः शुरू करने की भी मांग की। अंत में, भेल की छवि को निखारने के लिए चेतक ब्रिज, आईटीआई, पिपलानी पेट्रोल पंप, कमलापति स्टेशन और रोज गार्डन जैसे सभी मुख्य द्वारों पर इलेक्ट्रिक साइन बोर्ड लगाने का सुझाव दिया गया, जबकि सिविल अनुरक्षण कार्यालयों के लिए नए वाहन खरीदे जाने पर प्रबंधन को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
