-राजधानी भोपाल सहित आसपास क्षेत्रों से लाखों लोग होते हैं शामिल
भोपाल
8 साल पूरे करने के बाद नौवें साल एक बार फिर राजधनी भोपाल के भेल दशहरा मैदान पर भोजपाल महोत्सव मेला लगने जा रहा है। मेले की लगभग सभी तैयारियां हो चुकी है 27 नवंबर से सुंदरकांड पाठ के साथ मेले की शुुरुआत की जाएगी। मेला अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि यह मेला देश का प्रतिष्ठित आयोजन बन चुका है। लोगों का भरपूर आशीर्वाद मिलता है। परिवार सहित लोग आते हैं, झूलों का आनंद लेते हैं। विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का लुत्फ उठाते हैं। मंच पर कलाकारों द्वारा दी जाने वाली प्रस्तुति से मनोरंजन करते हैं। मेलों से ही रोजागार पाने वाले करीब 400 दुकानदार मेले में अपने स्टाल लगाएंगे।
उन्होंने बताया कि प्रदेश का सबसे बड़ा मेला भोजपाल अब अपनी अलग पहचान बन गया है। जब इसे शुरू किया था तो सिर्फ यही आशा थी कि लोगों को इससे जोड़ा जाय और युवाओ को रोजगार मिले। सभी कलाकारो को सांस्कृतिक मंच भी प्रदान किया जाता है। कई कलाकारो ने इस मंच से अपना करियर शुरू किया और आज वह बालीवुड सहित अनेक क्षेत्रो में अपना नाम कर रहे है।
मनोरंजन के साथ सुरक्षा की गारंटी
मेले के संयोजक विकास विरानी ने बताया कि पूरे मेला परिसर में लगभग 100 सुरक्षा कर्मी तैनात रहते है। हर दुकान के सामने डस्टविन रहती है। सीसीटीवी कैमरे से पूरी निगरानी रखी जाती है। असमाजिक तत्वों को मेले के अंदर ही नहीं आने दिया जाता। किसी भी तरह का शक होने पर तुरंत उन्हे मेला परिसर से बाहर कर दिया जाता है। परिवार सहित आने के लिए सबसे सुरक्षित स्थान भोजपाल मेला बन गया है।
कांच का मछली घर टनल होगा
मेला अध्यक्ष सुनील यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश में पहली बार किसी मेले में 90 बाय 200 फीट का कांच का मछली घर टनल लगने वाला है, जिसमें सैकड़ों प्रकार की मछलियां देखने को मिलेंगी। टनल के अंदर जाकर ब‘चे बड़े मछलियों को नजदीक से देख सकेंगे और उनके बारे में जान सकेंगे। उन्हें कांच के बाहर से स्पर्श भी कर सकेंगे। सुनील यादव ने बताया कि भोपाल में मछली घर था, जिसे प्रशासनिक फैसले के बाद तोड़ दिया गया। मेला लगाने का उद्देश्य सबका मनोरंजन कराने के साथ युवाओं को रोजगार और मंच उपलब्ध कराना है। 12 एकड़ क्षेत्र में 400 से ज्यादा दुकानें होंगी। मेले में आने वाले लोगों के लिए एक ही परिसर में मनोरंजन के साथ सभी तरह की सामग्री उपलब्ध होगी। शहरवासी मेले में मनोरंजन के साथ विभिन्न प्रदेशों के व्यंजनों का लुत्फ उठा सकेंगे।
