भोपाल
दिवाली के शुभ अवसर के बाद बुधवार ( 26 अक्टूबर ) को राधेश्याम गोशाला में इस्कॉन भेल के भक्तों के द्वारा भव्य गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव मनाया जाएगा। इस बार यह महोत्सव इस्कॉन भेल की भरत नगर, दानापानी रेस्टोरेंट के पास स्थित नवनिर्मित राधेश्याम गोशाला में दोपहर 12 बजे से होगा। गोशाला का उद्धाटन मप्र सरकार के मंत्री विश्वास सारंग, महापौर मालती राय और शहर के गणमान्य द्वारा किया जाएगा।
इस्कॉन भेल भोपाल के अध्यक्ष श्री रसानंद दास ने बताया कि गोशाला प्रांगण में चावल, हलवा, सब्जियां, मेवे, केक, मिठाइयों व अन्य प्रसाद सामग्री से गिरिराज गोवर्धन का 21 फीट लम्बा प्रतिरूप तैयार किया जाएगा। 21 फीट लम्बे भव्य गोवर्धन पर्वत का प्रतिरूप बनाने में लगने वाली सामग्री भक्तों द्वारा बनाकर लाई जाएगी। भगवान गोवर्धन को भोग चड़ाने के लिए मंदिर आने वाले भक्त अपने घर से विभिन्न भोग आदि सामग्री बनाकर सुबह 11 बजे तक मंदिर ला सकते हैं। इसे गिरिराजजी को अर्पित किया जाएगा। प्रात: 11 बजे इस्कॉन भेल के प्रमुख श्री रसानंद दास जी द्वारा विशेष गोवेर्धन लीला कथा सुनाई जाएगी।
कार्यक्रम में गोवर्धन परिक्रमा और गोवंश का पूजन किया जाएगा। इसके बाद भव्य भंडारा प्रसाद रखा गया है। इस्कॉन गर्ल फोरम (आईजीएफ) की सदस्यों द्वारा 21 फिट की भव्य रंगोली बनाई जाएगी। इसमें रंगोली के अलावा तरह-तरह के रंग-बिरंगे फूलों का उपयोग किया जाएगा। इसमें रंगोली में कृष्ण लीलाओं को दिखाया जाएगा। वृंदावन स्थित गिरिराज गोवर्धन की परिक्रमा 21 किलोमीटर की है। यही कारण है कि इस महोत्सव में हर चीज में 21 के आंकड़े को शामिल किया गया है।
गोशाला के उद्घाटन अवसर पर मप्र के विभिन्न शहरों में स्थित इस्कॉन के मंदिर और सेंटरों से विभिन्न कीर्तन पार्टियां हरिनाम का कीर्तन करेंगी। इस अवसर पर भोपाल के अलावा उज्जैन, इंदौर, विदिशा, सागर से कीर्तन पार्टियां आएंगी। कार्यक्रम के दौरान यह मंडलियां अनवरत कीर्तन करेंगी। गोशाला के प्रथम चरण में दस गोमाता होंगी।
इन गोशाला के इस्कॉन के विभिन्न भक्तों ने गोशाला को दान में दिया है। इनके लिए शेड, चारा और गोशाला निर्माण में शहर के गणमान्य नागरिकों ने सहयोग दिया है। गोवर्धन लीला के दौरान भगवान कृष्ण के साथ गोप-गोपियां थी इसलिए इस कार्यक्रम में बच्चे गोप और गोपियां बनकर आएंगे। श्रेष्ठ गोप और गोपी का वेश धरने वाले बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
