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रथ तैयार, नेत्रों उत्सव मनाया गया, भक्तों के दर्शन देने निकलेंगे जगत के नाथ

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— हाइड्रोलिक और रिमोट कंट्रोल्ड रथ में विराजेंगे जगन्नाथजी

भोपाल।

इस्कॉन भोपाल बीवायसी (भेल) रविवार को जगन्नाथ बलदेव सुभद्रा महारानी की रथयात्रा निकालेगा। इस्कॉन भोपाल बीवायसी के अध्यक्ष रसानंद दास ने बताया कि रथ यात्रा से पहले भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा महारानी का नेत्रों उत्सव कराया गया। पूर्णिमा के दिन ठंडे पानी से स्नान करने के कारण भगवान प्रतीक रूप में बीमार होते हैं। 14 दिन क्वारेंटिन रहने के बाद भगवान इलाज के बाद बेहद सेहतमंद हुए। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि यानी शनिवार को दरवाजे खोले गए। 14 दिन से भगवान एकांतवास में थे। नेत्र उत्सव में प्रतीकात्मक रूप से भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र को नई आंखें प्रदान की गईं। इसके बाद भक्तों ने चौदह दिन पहली बार भगवान के दर्शन किए। भोपाल में उन सारी परंपराओं का पालन प्रतीक स्वरूप किया गया, जो पुरी मंदिर में की जाती हैं।

श्री रसानंद दास ने बताया कि रविवार को निकलने वाली रथयात्रा रानी कमलापति रेलवे स्टेशन प्लेटफाॅर्म क्रमांक एक के सामने से शुरू होगी। रथयात्रा के कई आकर्षण होंगे, लेकिन हाइड्रोलिक रिमोट कंट्रोल्ड रथ सबसे खास होगा। इस रथ को जरूरत के हिसाब से ऊंचा और नीचा किया जा सकता है। यदि रास्ते में बिजली के तार या छोटे पेड़ आते हैं तो इसे नीचे करने के उपरांत फिर से ऊंचा किया जा सकता है। इसके अलावा रथयात्रा में घोड़े, बग्गी, ऊंट, बैंड, कीर्तन पार्टी आकर्षण का केंद्र होंगे। रथ यात्रा के पहले भगवान जगन्नाथ को पांच सौ से ज्यादा भोग अर्पित किए जाएंगे। इन्हें भक्त गण अपने घर से बनाकर लाएंगे।

यह होगा रूट
रथयात्रा 7 जुलाई रविवार को दोपहर 1 बजे रानी कमलापति रेलवे प्लेटफॉर्म क्रमांक एक के सामने से शुरू होगी, जो 7 नंबर चौराहा, नेशनल हॉस्पिटल, प्रियदर्शनी मार्केट, बिटटन मार्केट , 1100 क्वार्टर, गणेश मंदिर, शैतानसिंह चौराहा, शाहपुरा सेक्टर ए, ओरा मॉल, त्रिलंगा, रोहित नगर से हाेती हुई अपोलो सेज हॉस्पिटल के पास बावड़िया कलां चौराहा पर समाप्त होगी। समापन स्थल दस हजार लोगों का भंडारा रखा गया है। रथयात्रा के बाद वहां रथयात्रा में आए भक्त भगवान जगन्नाथ का महाप्रसाद पाएंगे।

बाहर से आएगी रंगोली टीम
रथ से दौ सौ मीटर आगे आकर्षक और बड़ी-बड़ी रंगोली बनाई जाएगी। रंगोली बनाने के लिए मुंबई और पुणे से विशेष टीम आएगी। ये टीम अपने साथ रंगोली और कई चीजें लाएंगे। रंगोली टीम की विशेषता है कि ये पंद्रह मिनट में दस मीटर की रंगोली बना देते हैं और उसे विभिन्न रंगों से सजा देते हैं।

भगवान का रूप बनकर आएंगे बच्चे
इस अवसर पर भक्तों के बच्चे कृष्ण-बलराम, राधा-कृष्ण, सीताराम हनुमान, चैतन्य महाप्रभु आदि का रूप धारण करके रथयात्रा की शोभा बढ़ाएंगे। बच्चों के बैठाने के लिए बघ्घी एवं अन्य गाड़ियां भी रखी गई हैं।

सेल्फी जोन भी बनाया
रथयात्रा में भाग लेने वाले भक्त अपनी यात्रा को यादगार बना पाएं। इसके लिए एक वाहन को सेल्फी जोन में बदला गया है। यहां भक्त सेल्फी ले सकते हैँ।

रास्ते भर बंटेगा महाप्रसाद
यात्रा में रास्ते भर विभिन्न प्रकार के फलों का वितरण होगा। सामाजिक सहयोग से पूरे समय 5 हजार केले व अन्य फल वितरित किया जाएगा। ऐसे अलावा 200 किलो मीठी बूंदी का प्रसाद भी भक्तों को बांटा जाएगा।

विभिन्न जिलों से आएगी कीर्तन पार्टी
रथयात्रा के लिए वृंदावन, सीहोर, गंजबासौदा, उज्जैन, इंदौर, रतलाम, हरदा, भोपाल की कीर्तन पार्टी आएंगी जो रास्तेभर में कीर्तन करते हुए चलेंगी। इस्कॉन परिवार से संबंधित यह कीर्तन पार्टीज पूरे प्रदेश में अपने कीर्तन के लिए मशहूर हैं।

हाथी, घोड़े, बैलगाड़ी करने अगवानी
भगवान जगन्नाथ जब परिवार भ्रमण के लिए निकलेंगे तो उनके रथ के आगे बैलगाड़ियां, ऊंट, घोड़ा बग्गियां होंगी। भगवान के रथ के आगे इस्कॉन गर्ल्स फोरम व वैष्णवी फोरम की सदस्य नृत्य करते हुए चलेंगी। इनके बाद इस्कॉन यूथ फोरम के सदस्य कीर्तन और नृत्य करेंगे।

आकर्षण का केंद्र होगी ड्रेस कोड
रथयात्रा के लिए इस्कॉन के विभिन्न फोरम के सदस्यों ने ड्रेस कोड तय किया है। माताजी लोगों के लिए विशेष साड़ी वहीं युवतियों के लिए गोपी ड्रेस व प्रभुजियों के लिए वैष्णव धोती कुर्ता ड्रेस कोड रखा गया है। इसके अलावा जगन्नाथजी विशेष कैप भी रखी गई है। इन फोरम के सदस्य एक साथ भगवान को प्रसन्न करने के लिए नृत्य और कीर्तन करेंगे।

सुरक्षा में होगी पुलिस और निजी गार्ड
यात्रा को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन की टीम सक्रिय रूप से साथ होगी इसके अलावा दस प्राइवेट सिक्युरिटी गार्ड भी सेवाएं देंगे। इनके अलावा इस्कॉन के वरिष्ठ सदस्य भी रथयात्रा के संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे।

कचरा उठाकर रास्ता भी साफ करेंगे भक्तजन
रथयात्रा के सबसे आखिर में भक्तजन पूरे रास्ते रथयात्रा के दौरान होने वाले कचरे को साफ करते हुए चलेंगे ताकि क्लीन भोपाल के नारे को बरकरार रखा जा सके। इसके लिए इस्कॉन के वॉलिंटियर्स झाडू लेकर मोर्चा संभालेंगे।

501 प्रकार के भोग लगेंगे
भगवान जगन्नाथ खाने के लिए प्रसिद्ध हैं, इसलिए भगवान को 501 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा। यह भोग गृहस्थ भक्त घर से बनाकर लाएंगे। इसके अलावा कोई भी भगवान को भोग अर्पित कर सकता है।

रथ सजाने के लिए पुणे, नासिक से आएंगे फूल
भगवान को पहनाने और रथ को सजाने के लिए विशेष पुष्प शृंगार होगा। इसके लिए मुंबई, पुणे और नासिक से विशेष फ्लॉवर मंगवाए जा रहे हैं।

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