भेल भोपाल।
गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के बरखेड़ा पठानी व आसपास के क्षेत्रों में लगभग 50 हजार से अधिक आबादी रहती है। यहां के विश्राम घाट का यह हाल है कि हाथ धोने के लिए पानी तक की व्यस्था नहीं है। लोगों को अंतिम संस्कार करने व जरूरत के लिए अपने घरों से पानी लेकर आना पड़ता है। श्रमिक नेता दीपक गुप्ता ने आरोप लगाया है कि यहां पर 50 वर्षों से एक की परिवार के जनप्रतिनिधि हैं और भोपाल प्रदेश की राजधानी है उसके बाद भी इस पठानी क्षेत्र की हालत खराब है। प्रदेश की सरकार को तुरंत विश्राम घाट की व्यस्था की ओर ध्यान देना चाहिए।
