भोपाल. राजधानी के भेल दशहरा मैदान पर चल रहे भोजपाल महोत्सव मेला में गुरुवार को बॉलीवुड की प्लेबैक सिंगर माही ठाकुर ने अपनी सुमधुर गीतों की प्रस्तुति दी। मही ने भीगी भीगी सी है रातें से गीतों की शुरुआत की इसके बाद आई हो कहां से गोरी आंखों का प्यार लेकर, मैं निकला गड्डी लेके जैसेएक से बढ़कर एक सुमधुर गीतों की प्रस्तुति देकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। गुरुवार शाम 7.30 बजे मेला अध्यक्ष सुनील यादव, संजोयक विकास वीरानी, महामंत्री हरीश कुमार राम, उपाध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी, महेंद्र नामदेव, अखिलेश नगर सहित मेला टीम ने गणेश वंदना और दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
शुक्रवार को देश के प्रसिद्ध भजन गायक मनीष अग्रवाल अपनी भजनों की प्रस्तुति देंगे। शनिवार को सूफ़ी नाइट में डिंपल भूमि और रविवार को राम आएंगे तो अंगना सजाऊंगी, मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे, जैसी सुमधुर भजनों की प्रस्तुति देने वाली भजन गायिका स्वाति मिश्रा अपनी आवाज का जादू बिखेरेगी।
मेला अध्यक्ष सुनील यादव ने बताया कि भोजपाल महोत्सव मेला मंच पर देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। कलाकार अपनी गीत गजलों और मनमोहक नृत्यों से लोगों का मनोरंजन करा रहे हैं। बॉलीवुड के कई गायकों के साथ ही लोक गायकों और लोकनृत्यों की टोलियांं अपनी प्रस्तुति दे चुकी हैं।
अंगना पधारो महारानी की प्रस्तुति आज
मध्य प्रदेश के जबलपुर से ताल्लुक रखने वाले मनीष अग्रवाल ‘मोनी’ देश के सुप्रसिद्ध भजन गायकों में से एक हैं। वे विशेष रूप से अपने ‘देवी गीतों’ और ‘बुंदेली शैली’ के भजनों के लिए जाने जाते हैं। उनकी गायकी में बुंदेलखंड की मिट्टी की खुशबू और लोक शैली का गहरा प्रभाव मिलता है। मौनी के प्रसिद्ध भजनों में अंगना पधारो महारानी उनका सबसे प्रसिद्ध देवी गीत है। कालो की काल महाकाली, शिव जी की बारात, मगरो के रथ पे आओ हे नर्मदा कुंवारी, गूंज रही महाकाली, बिगड़ी मेरी बना दो मैहर की शारदा माँ जैसी सुंदर गीतों और भजनों की प्रस्तुति देंगे। उन्होंने अपनी गायकी के माध्यम से मध्य प्रदेश की बुंदेली और क्षेत्रीय भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। वे देश-विदेश में बड़े स्तर पर भजन संध्याएं और ‘माता का जगराता’ करते हैं।
सूफी नाइट में डिंपल भूमि की प्रस्तुति कल
देश की जानी-मानी गायिका डिंपल भूमि अपनी रूहानी आवाज और वर्सेटाइल गायकी के लिए पहचानी जाती हैं। वे मुख्य रूप से सूफी संगीत, गजल और भजनों के माध्यम से दर्शकों के दिलों में जगह बना चुकी हैं। कल आयोजित होने वाली ‘सूफी नाइट’ में उनकी प्रस्तुति को लेकर संगीत प्रेमियों में काफी उत्साह है।
राम आएंगे तो अंगना सजाऊंगी स्वाति मिश्रा की प्रस्तुति रविवार को
भजन गायिका स्वाति मिश्रा भारत की सबसे चर्चित और लोकप्रिय भक्ति गायिकाओं में से एक हैं। उन्हें विशेष रूप से उनके भजन “राम आएंगे” (मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे) के लिए राष्ट्रव्यापी प्रसिद्धि मिली है। स्वाति मिश्रा बिहार के छपरा (सारण) जिले के माला गांव की रहने वाली हैं। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से शास्त्रीय संगीत में प्रशिक्षण लिया और संगीत में मास्टर डिग्री हासिल की है।
मेले में मिल रही विभिन्न वैरायटी
महामंत्री हरीश कुमार राम ने बताया कि मेले में हस्त निर्मित स्वदेशी मिट्टी के बर्तन और खिलौनों के साथ ही बनारस की साड़ी, सहारनपुर का वुडन, कश्मीर के ऊलन, भदोंही का कारपेट, राजस्थान की मेलामाइन क्रॉकरी, ग्वालियर की गजक की विभिन्न वैरायटी मिल रही है। 100 से ज्यादा खान-पान के स्टाल के साथ ही विभिन्न आयटमों की करीब 400 दुकानें हैं, जहां लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। लोगों को मेले में एह ही स्थान पर जरूरत की हर प्रकार की सामग्री उपलब्ध है।
Read Also: बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह पहुंचीं भोपाल
मेला टीम के नायक, संभाल रहे व्यवस्था
मेला टीम के सदस्य मेले की पूरी व्यवस्था संभाल रहे हैं। इनमें विनय कुमार, मो. जाहिद खान, सुनील शाह, मधु भवनानी, केश कुमार, चंदन वर्मा, दीपक शर्मा, गोपाल शर्मा, भूपेंद्र सिंह, मो. रेहान खान, दीपक बैरागी, देंवेंद्र चौकसे, सुनील वैष्णव, गौरव जैन, संदीप सहित मेला समिति से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं।
