भोपाल
तकनीकी शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थानीय कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय भव्य विज्ञान उत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर छिपी वैज्ञानिक प्रतिभा को निखारना और उन्हें आधुनिक प्रौद्योगिकी के प्रति जागरूक करना था। तीन दिनों तक चले इस महोत्सव में विज्ञान, पर्यावरण और नवाचार से जुड़ी विभिन्न रचनात्मक और शैक्षिक गतिविधियों की धूम रही। रचनात्मकता और विज्ञान का अनूठा मेल उत्सव का भव्य शुभारंभ रंगोली प्रतियोगिता के साथ हुआ। इसमें छात्रों ने पारंपरिक रंगों के माध्यम से वैज्ञानिक सिद्धांतों, अंतरिक्ष विज्ञान और डीएनए संरचना जैसे जटिल विषयों को बेहद खूबसूरती से उकेरा। इसके पश्चात आयोजित भाषण और पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता में युवाओं का जोश देखते ही बनता था। प्रतिभागियों ने ‘सतत विकास’, ‘आधुनिक भारत में विज्ञान का योगदान’ और ‘पर्यावरण संरक्षण’ जैसे ज्वलंत विषयों पर अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए। पोस्टर्स के माध्यम से छात्रों ने भविष्य की तकनीक और नवाचारों की एक काल्पनिक झलक भी पेश की। विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और अतिथि व्याख्यान कार्यक्रम के दूसरे दिन एक विशेष अतिथि व्याख्यानसत्र आयोजित किया गया। इसमें उद्योग जगत और विज्ञान क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया था। विशेषज्ञों ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान युग पूरी तरह से तकनीक पर आधारित है। उन्होंने अपने करियर के अनुभव साझा किए और छात्रों को बताया कि कैसे विज्ञान का व्यावहारिक उपयोग कर वे समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान निकाल सकते हैं। इस सत्र ने छात्रों के मन में शोध और अनुसंधान के प्रति एक नई जिज्ञासा पैदा की। पुरस्कार वितरण और प्रेरणादायी उद्बोधन उत्सव के समापन अवसर पर एक गरिमामयी पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।
विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता छात्रों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. भरत किशोर गुप्ता ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा, “विज्ञान केवल किताबी परिभाषाओं या प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन की हर गतिविधि का अभिन्न हिस्सा है। एक वैज्ञानिक सोच हमें अंधविश्वासों से दूर ले जाती है और बेहतर भविष्य की दिशा में हमारा मार्गदर्शन करती है। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य छात्रों में उसी जिज्ञासा और वैज्ञानिक तर्क को जीवित रखना है।” उत्साहजनक रहा परिणाम
तीन दिवसीय इस आयोजन ने छात्रों के बीच न केवल विज्ञान के प्रति प्रेम बढ़ाया, बल्कि उनमें टीम वर्क और नेतृत्व क्षमता का भी विकास किया। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने सभी शिक्षकों, विशेषज्ञों और सहभागी छात्रों का आभार व्यक्त किया।
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