भोपाल।
बाबूलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भेल में हिंदी विभाग के तत्वावधान में वासंती काव्य गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में साहित्यिक चेतना का विकास करना तथा वसंत ऋतु की सांस्कृतिक, भावनात्मक और रचनात्मक अभिव्यक्ति को मंच प्रदान करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों द्वारा वसंत ऋतु पर आधारित कविताओं का सस्वर पाठ किया गया।
काव्य प्रस्तुतियों में प्रकृति की सौंदर्य छटा, नवजीवन का उल्लास, प्रेम, आशा और सामाजिक संवेदनाओं का सुंदर समावेश देखने को मिला।काव्य गोष्ठी में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए स्वरचित कविताएं प्रस्तुत कीं। उनकी रचनाओं ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। प्राध्यापकों ने भी अपनी रचनाओं और विचारों के माध्यम से हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के साहित्यिक आयोजन विद्यार्थियों की सृजनात्मक क्षमता को निखारने के साथ-साथ भाषा के प्रति प्रेम और संवेदनशीलता को भी विकसित करते हैं। हिंदी साहित्य समाज को दिशा देने का कार्य करता है और युवाओं को इससे जुड़ना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया गया तथा हिंदी विभाग द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के साहित्यिक आयोजनों के निरंतर आयोजन का आश्वासन दिया गया। वासंती काव्य गोष्ठी सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
