भोपाल। मप्र अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) ने सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी एक पत्र में प्रांतीय अध्यक्ष के संबंध में की गई कथित तथ्यात्मक त्रुटि पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। संघ का कहना है कि जारी आदेश में एक प्रांतीय अध्यक्ष के रूप में संबोधित किया गया है, जो तथ्यात्मक रूप से गलत और विधिक दृष्टि से अवैध है। अजाक्स के अनुसार प्रांतीय अध्यक्ष पद को लेकर मामला वर्तमान में न्यायालय और शासन स्तर पर विचाराधीन है। इस संबंध में जिला एवं सत्र न्यायालय भोपाल में दो प्रकरण लंबित हैं, वहीं शासन स्तर पर भी अपील का निर्णय अभी बाकी है।
संघ ने आरोप लगाया है कि एक अध्यक्ष द्वारा अजाक्स भवन में अनधिकृत प्रवेश किया गया। इस मामले में थाना टीटी नगर और पुलिस आयुक्त भोपाल को लिखित शिकायत भी की जा चुकी है। अजाक्स संघ ने शासन से मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर तथ्यात्मक स्थिति के आधार पर संशोधित आदेश जारी किया जाए और उसकी प्रति संघ को उपलब्ध कराई जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो मामले को लेकर उच्च न्यायालय जबलपुर में विधिक कार्रवाई की जाएगी। संघ ने इस पूरे प्रकरण को गंभीर बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष और विधिसम्मत निर्णय लेने की अपेक्षा जताई है।
