भोपाल। राजधानी के ईटखेड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रायपुर की सहकारी समिति में लाखों रुपये के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। समिति के तीन कर्मचारियों ने किसानों से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की किस्त के रूप में वसूली गई लगभग 41 लाख 94 हजार रुपये की राशि सरकारी खाते में जमा करने के बजाय खुद हड़प ली। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार, रायपुर सहकारी समिति के प्रशासक रामचरण सिलावट ने ईटखेड़ी थाने में इस धोखाधड़ी की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। जांच में सामने आया कि आरोपी कर्मचारी मुकेश, नरेंद्र और मनोज कुमार जाटव किसानों से लोन की किस्त तो वसूलते थे, लेकिन उस रकम को समिति के रिकॉर्ड में नहीं चढ़ाते थे। जब वसूली गई राशि और बैंक में जमा रकम के बीच भारी अंतर पाया गया, तब इस बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ।
एफआईआर दर्ज होते ही तीनों आरोपी कर्मचारी फरार
समिति प्रबंधन ने शुरुआत में मामले को अंदरूनी स्तर पर सुलझाने की कोशिश की थी। आरोपियों को नोटिस जारी कर गबन की गई राशि जमा करने का मौका दिया गया था, लेकिन कर्मचारियों ने राशि वापस करने से इनकार कर दिया। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। एफआईआर दर्ज होते ही तीनों आरोपी कर्मचारी फरार हो गए हैं। थाना प्रभारी आशीष सप्रे ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है। प्रशासक रामचरण सिलावट का मानना है कि इतनी बड़ी राशि का गबन बिना किसी मिलीभगत के संभव नहीं है।
यह एक सुनियोजित साजिश प्रतीत होती है, जिसमें कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी संदिग्ध है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि हड़पी गई राशि का उपयोग कहां किया गया और क्या इस खेल में कोई और भी शामिल है। इस घटना से क्षेत्र के उन किसानों में भारी आक्रोश है, जिनकी मेहनत की कमाई इन कर्मचारियों ने डकार ली।
