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‘मेहनत सफलता की पहली और आखिरी कुंजी है, बिना मेहनत के कुछ नहीं मिलता’, MPPSC पास ने बताया सक्सेस का राज

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ग्वालियर

मध्य प्रदेश राज्य सेवा परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया गया है। इस परिणाम की परीक्षाएं 2021 में करवाई गई थी। इस दौरान ग्वालियर में दो युवाओं को सफलता मिली है। एमपीपीएससी में पास होकर इन दोनों ने ग्वालियर का नाम बढ़ाया है। दोनों ही युवा बीते 3 सालों से एमपीपीएससी की तैयारी कर रहे थे। जिनका कहना है कि सफलता के लिए पहले और आखिरी कुंजी मेहनत होती है। मेहनत के बिना कोई भी सफलता मिलना नामुमकिन है।

दरअसल, साल 2021 में अलग-अलग पोस्ट के लिए एमपीपीएससी की परीक्षा आयोजित की गई थी। इसके बाद से परीक्षार्थी लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। हालांकि 3 साल के लंबे इंतजार के बाद जून 2024 में रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। जिसमें पास हुए छात्रों के अंदर खुशी की लहर दौड़ गई है। इन्हीं में ग्वालियर से एमपीपीएससी पास किए युवाओं ने अपनी सफलता राज शेयर किया है।

डेप्युटी कलेक्टर बने पवन पिता को मानते है आदर्श
एमपीपीएससी में 18वीं रैंक हासिल करने वाले पवन गुरैया ने बताया कि वह अपने पिता को अपना सबसे बड़ा आदर्श मानते हैं। क्योंकि उन्होंने बचपन से देखा है कि पिता किस तरह से समाज के प्रति सदैव आकर्षित रहे हैं। इसीलिए उन्होंने लाखों का पैकेज देने वाली प्राइवेट संस्थानों को छोड़कर शासकीय सेवा में जाने का निर्णय लिया।

पवन ने बताया सफलता का राज
एमपीपीएससी क्वॉलिफाई करने वाले पवन का कहना है कि सफलता की कोई कुंजी नहीं होती सिवाय मेहनत के। पहले और आखिरी चाबी मेहनत ही है। इसके जरिए आप अपनी मनचाही सफलता को पा सकते हैं। इसके लिए अनुशासन का भी होना बहुत जरूरी है। उन्होंने इस दौरान 8 से 10 घंटे की नियमित पढ़ाई पर ध्यान दिया। साथ ही स्वास्थ्य एवं मानसिक रूप से खुद को मजबूत बनाने के लिए योग और ध्यान को भी समय दिया। यही वजह रही थी आज उन्होंने अपनी एक अलग पहचान डिप्टी कलेक्टर के रूप में बनाई है।

सफलता के लिए मां को दिया धन्यवाद
इस दौरान उन्होंने अपनी परिवार और खास तौर पर अपनी मां पुष्पा का विशेष धन्यवाद दिया जिन्होंने उनकी सफलता के लिए दिन-रात उनसे भी अधिक मेहनत की थी। पवन के पिता हेमंत गुरैया हाउसिंग बोर्ड में एसडीओ है। पिता ने बताया कि बचपन से ही पवन एक ब्रिलियंस स्टूडेंट रहा है और बोर्ड परीक्षाओं में भी उसने सदैव अच्छे अंक हासिल किए है। वहीं, पवन की मां पुष्पा गुरैया का कहना है कि समय-समय पर उसकी सभी आवश्यकताओं को पूरा करना मेरा सबसे बड़ा कर्तव्य बन गया था। ऐसा लग रहा था मानो यह परीक्षाओं को पास करना उसकी नहीं बल्कि मेरा लक्ष्य है। समय-समय पर से दवा देना उसे उत्साहित करना सभी कर्तव्यों में मैंने कोई कसर नहीं छोड़ी। इसीलिए आज मुझे उसे पर गर्व करने का मौका मिला है।

अंजलि ने मानसिक तनाव को ऐसे दी मात
एमपीपीएससी 2021 में परीक्षा देने वाली अंजलि उपाध्याय का खुशी का ठिकाना नहीं रहा जब उन्होंने अपना परिणाम दिखा। अंजलि के पिता एडवोकेट हैं। वहीं, मां सुनीता हाउसवाइफ है। अंजलि ने बताया कि वह ग्वालियर में अपने मां के यहां रहकर तैयारी कर रही थी। वह मूलतः भिंड की रहने वाली हैं। इस दौरान कई ऐसे मौके आए जब भी मानसिक रूप से कमजोर पड़ी। अंजलि ने बताया कि तभी उन्होंने मोबाइल का उपयोग कम किया और भी अपनी दृढ़ता पर डटी रही शायद उसी का परिणाम आज सभी के सामने है।

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