भोपाल।
इंदौर के गांधीनगर क्षेत्र में दूषित पानी से फैली बीमारी ने गंभीर रूप ले लिया है। इस हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 16 मरीज अभी भी आईसीयू में भर्ती हैं। पहले मृतकों की संख्या 18 बताई गई थी, लेकिन दो और मौतों की पुष्टि के बाद आंकड़ा बढ़ गया है। प्रशासन के अनुसार प्रभावित क्षेत्र में लंबे समय से दूषित जल आपूर्ति की शिकायतें मिल रही थीं। जांच में सामने आया है कि सीवेज लाइन और पेयजल पाइप लाइन के आपसी संपर्क के कारण पानी दूषित हुआ।
Read Also: पूर्व केंद्रीय मंत्री कलमाड़ी का 81 वर्ष की उम्र में निधन
स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं और मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित इलाकों में टैंकरों के माध्यम से स्वच्छ पानी की आपूर्ति की जा रही है और लोगों को उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए स्थायी समाधान जल्द लागू किया जाएगा।
