भोपाल। राजधानी में भू-माफियाओं और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने शनिवार को अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। प्रशासन ने शहर के दो अलग-अलग इलाकों में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर करीब 7.5 एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। मुक्त कराई गई इस भूमि की कुल बाजारू कीमत 8 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। शनिवार सुबह से शुरू हुई इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान जेसीबी और पोकलेन मशीनों की मदद से कुल 89 अवैध कच्चे-पक्के मकानों और दुकानों को जमींदोज कर दिया गया।

किसी भी प्रकार के विरोध या हंगामे की स्थिति से निपटने के लिए दोनों ही प्रशासनिक स्थलों पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिसके चलते पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, पहली बड़ी कार्रवाई हुजूर एसडीएम विनोद सोनकिया के नेतृत्व में छावनी पठार इलाके में की गई। यहाँ नेशनल हाईवे की करीब ढाई एकड़ कीमती जमीन पर पिछले कई सालों से भू-माफियाओं का कब्जा था, जिस पर अवैध रूप से 54 मकान और दुकानें तान दी गई थीं। सुबह से शुरू हुई यह कार्रवाई दोपहर तक चली और सभी अवैध निर्माणों को ढहा दिया गया। इस मुक्त कराई गई जमीन की बाजारू कीमत लगभग 5 करोड़ रुपए है। वहीं दूसरी कार्रवाई कोलार रोड स्थित कजलीखेड़ा में की गई, जहाँ कई रसूखदारों ने 4 से 5 हजार स्क्वेयर फीट की सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा था।
कजलीखेड़ा थाने के पुलिस बल की मौजूदगी में दोपहर 12 बजे के बाद शुरू हुई इस कार्रवाई में 5 एकड़ सरकारी जमीन से 35 अवैध मकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कब्जेधारियों को पहले ही नोटिस थमा दिए गए थे, जिसके बाद शनिवार को यह सख्त कदम उठाया गया। प्रशासन का यह अतिक्रमण विरोधी अभियान आगे भी जारी रहेगा।
