भोपाल। मप्र में शासकीय कर्मचारियों के स्थानांतरण का इंतजार कर रहे अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार की वर्ष 2026 की नई तबादला नीति को बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा तैयार किए गए इस नीति के ड्राफ्ट को मुख्यमंत्री सचिवालय भेज दिया गया है, जहाँ मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के बीच अंतिम चर्चा के बाद इसे कैबिनेट के पटल पर रखा जाएगा। मंत्रियों की सहमति मिलते ही सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इसके आधिकारिक आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार की तबादला नीति में स्वैच्छिक (वॉलंटरी) और प्रशासनिक तबादलों की सीमा (लिमिट) को अलग-अलग रखा जा सकता है। अब तक लागू व्यवस्था के तहत कुल कार्यरत कर्मचारियों के केवल 10 से 15 फीसदी तबादलों की ही अनुमति होती थी, जिसमें स्वैच्छिक और आपसी (म्युचुअल) ट्रांसफर भी इसी कुल कोटे का हिस्सा होते थे। इस वजह से प्रशासनिक आवश्यकताओं के लिए जरूरी फेरबदल की गुंजाइश बेहद कम बचती थी। इस बार दोनों व्यवस्थाएं अलग होने से जहां वास्तव में जरूरत होगी, वहां प्रशासनिक ट्रांसफर अधिक सुगमता से किए जा सकेंगे।
गौरतलब है कि 11 मई को हुई कैबिनेट बैठक में मंत्री विजय शाह ने स्वैच्छिक तबादलों पर से लिमिट पूरी तरह हटाने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया था, जिस पर सीएम ने विचार करने का भरोसा दिया था। नई नीति के तहत सभी विभागों को ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन ही जमा कराने होंगे। हर बार की तरह इस साल भी स्कूल शिक्षा विभाग की तबादला नीति अलग रहेगी। इसके अतिरिक्त जनजातीय कार्य, राजस्व विभाग और ऊर्जा विभाग जैसे बड़े विभाग भी अपनी विशिष्ट आवश्यकताओं के आधार पर अलग ट्रांसफर पॉलिसी जारी कर सकते हैं। हालांकि, कोई भी विभाग सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा तय किए गए मूल तत्वों और गाइडलाइंस के बाहर जाकर अपनी नीति नहीं बना सकेगा।
