भोपाल। मप्र में इन दिनों कुदरत के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं, जहां एक ओर सूरज की तपिश रिकॉर्ड तोड़ रही है, वहीं दूसरी ओर आंधी और ओलावृष्टि ने लोगों को हैरत में डाल दिया है। रविवार को प्रदेश के प्रमुख शहरों में गर्मी ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। इंदौर में पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा, जिसने पिछले 6 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, वहीं भोपाल में भी 10 साल का तीसरा सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया।
खजुराहो 45 डिग्री और नौगांव 44.6 डिग्री के साथ प्रदेश के सबसे गर्म क्षेत्र रहे। हालांकि, दिन की झुलसाने वाली गर्मी के बाद रात के तापमान में मामूली गिरावट ने राहत तो दी, लेकिन जबलपुर, ग्वालियर और भोपाल जैसे बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भीषण गर्मी के बीच ही एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय होने के कारण प्रदेश के 15 जिलों में मौसम अचानक बदल गया। भोपाल, इंदौर, सागर और खंडवा सहित कई हिस्सों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई, जबकि शाजापुर के अकोदिया में ओले गिरने से फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
इंदौर में 47 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी ने जनजीवन को प्रभावित किया। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय रहने की संभावना है, जिससे आंधी-बारिश का यह सिलसिला फिलहाल जारी रह सकता है। विभाग ने बढ़ती गर्मी और मौसम के इस उतार-चढ़ाव को देखते हुए आमजन को पर्याप्त पानी पीने और दोपहर के समय सीधे धूप से बचने की एडवायजरी भी जारी की है।
