भोपाल। भोपाल में गुरुवार शाम 70 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली विनाशकारी आंधी ने शहर के बिजली सप्लाई सिस्टम को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया। आंधी के प्रचंड वेग के कारण 11 केवी के 350 से अधिक फीडर नेटवर्क पूरी तरह बाधित हो गए, जिससे शहर के सैकड़ों इलाकों की बत्ती गुल हो गई।
इस प्राकृतिक आपदा के कारण लिंक रोड नंबर-1, 2 और 3, तुलसी नगर, कमला पार्क, अटल पथ, जवाहर चौक और पुराने शहर सहित पूरे भोपाल में 350 से अधिक पेड़ और भारी टहनियां उखड़कर सड़कों व बिजली लाइनों पर गिर गईं, जिससे आधा दर्जन कारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने बताया कि सड़कों से यातायात बहाल करने के लिए रात में ही निगम की टीमें तैनात कर दी गई थीं, जो शुक्रवार को भी युद्धस्तर पर पेड़ हटाने के कार्य में जुटी रहीं। इस बड़े संकट के बाद बिजली कंपनी का पूरा अमला रातभर सुधार कार्य में जुटा रहा।

बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री प्रदीप सिंह चौहान ने बताया कि क्षतिग्रस्त और फॉल्टी हिस्सों को हटाकर लाइनों को जोड़ने का काम रातभर चलता रहा। रात 8:30 बजे तक 165 फीडर और रात 9:30 बजे तक 66 फीडरों की आपूर्ति बहाल की जा सकी, जबकि शेष प्रभावित फीडरों को शुक्रवार सुबह 4:30 बजे तक चालू किया जा सका। इस बीच, जनता द्वारा बिजली कंपनी के सालभर के मेंटेनेंस दावों पर सवाल उठाने जाने पर अधीक्षण यंत्री चौहान ने सफाई देते हुए कहा कि मेंटेनेंस के दौरान नियमित रूप से टहनियों की छंटाई की जाती है, परंतु गुरुवार का तूफान इतना भीषण था कि बिजली के पोल ही झुक गए और विशाल पेड़ उखड़कर जमींदोज हो गए। शुक्रवार को भी 33 केवी, 11 केवी और निम्नदाब (LT) नेटवर्क को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए 10 से अधिक विशेष टीमें तैनात रहीं, जिससे प्रभावित इलाकों में दोपहर तक आपूर्ति बहाल की जा सकी।
