भोपाल
बीजेपी में पहुंचते ही पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा कांग्रेस दिग्गज नेता सुरेश पचौरी ने कांग्रेस छोड़ने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा ‘राख के ढेर पर न शोले हैं ना अंगारे, कुछ तो बात होगी कि हम बेवफा हुए’। पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा कांग्रेस दिग्गज नेता सुरेश पचौरी ने आगे कहा कि ‘मुझे अपने जीवन में पद और पद की लालसा कभी नहीं रही। मैं सार्वजनिक रूप से कह रहा हूं कि मैं बगैर शर्त के यहां आया हूं।’
पचौरी समेत 15 नेताओं ने ली सदस्यता
कांग्रेस सरकार में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी शनिवार को भाजपा में शामिल हो गए। उनके साथ ही कांग्रेस नेता अतुल शर्मा, धार के पूर्व कांग्रेस सांसद गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी, पूर्व विधायक संजय शुक्ला, विशाल पटेल सहित 15 कांग्रेस नेता भी भाजपा में शामिल हो गए। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, सीएम मोहन यादव, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान, कैलाश विजयवर्गीय ने सभी को भाजपा की सदस्यता दिलाई।
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले हुए इस घटनाक्रम को काफी अहम माना जा रहा है। इस कार्यक्रम में मौजूद भाजपा नेता भगवानदास सबनानी ने कहा कि छिंदवाड़ा से भी कोई अच्छी खबर आ सकती है। उन्होंने इशारा किया कि छिंदवाड़ा से भी कुछ कांग्रेस नेता भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
राहुल गांधी आगे-आगे पीछे कांग्रेस साफ
सदस्यता दिलाते समय एमपी के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा कि यह सब लोग अच्छे लोग थे, जिनका सम्मान कांग्रेस में नहीं हो रहा था। कांग्रेस लगातार अपनी यात्रा के दौरान भी अपने स्थापित नेताओं की उपेक्षा कर रही है। यादव ने कहा कि इस लोकतंत्र में सबको साथ लेकर चलने की हमारी परंपरा है। राहुल गांधी आगे-आगे जा रहे हैं और पीछे-पीछे कांग्रेस साफ होती जा रही है। राहुल गांधीजी से निवेदन करूंगा कि वे और यात्रा निकालें तो हम उनका स्वागत करेंगे।
वीडी शर्मा- पचौरी राजनीति के संत हैं
भाजपा कार्यालय में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि सुरेश पचौरीजी मध्यप्रदेश राजनीति के संत हैं। ऐसे व्यक्ति जिनका कांग्रेस में स्थान नहीं हैं, तो उन्हें लगा कि आज के परिप्रेक्ष्य में पीएम मोदी जी के नेतृत्व में मुझे काम करने की जरूरत है तो वे आज भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर रहे हैं। और भी लोग हैं जो भाजपा में आ रहे हैं।
कांग्रेस के कद्दावर नेता थे सुरेश पचौरी
सुरेश पचौरी चार बार के राज्यसभा सांसद रहे हैं। सुरेश पचौरी ने 1972 में एक युवा कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में अपना करियर शुरू किया था और 1984 में युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बने। इसके बाद 1984 में ही राज्यसभा के लिए चुने गए। पचौरी 1990, 1996 और 2002 में फिर से चुने गए। केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में सुरेश पचौरी ने रक्षा, कार्मिक, सार्वजनिक शिकायत और पेंशन, संसदीय मामले और पार्टी जमीनी स्तर के संगठन कांग्रेस सेवा दल के अध्यक्ष भी रहे।
