विश्व पर्यावरण दिवस पर दादाजी धाम मंदिर से दिया गया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
भोपाल। विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर राजधानी के रायसेन रोड, पटेल नगर स्थित सुप्रसिद्ध जागृत एवं दर्शनीय तीर्थ स्थल दादाजी धाम मंदिर एवं श्री श्री 1008 श्री दादाजी गुरुदेव चैरिटेबल ट्रस्ट परिवार की ओर से समस्त प्रदेशवासियों को पर्यावरण संरक्षण की हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित की गईं। इस मौके पर ट्रस्ट के अध्यक्ष शिवरतन नामदेव एवं समस्त ट्रस्टियों ने सनातन परंपरा का स्मरण कराते हुए कहा कि प्रकृति का संरक्षण और संवर्धन हमारी भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। उन्होंने दादाजी गुरुदेव के दिव्य संदेश को रेखांकित करते हुए कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक नागरिक को अपने बच्चों के जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ अथवा अन्य मांगलिक अवसरों पर अनिवार्य रूप से पौधारोपण करना चाहिए और समय-समय पर सिंचाई व खाद देकर उनका ध्यान रखना चाहिए।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि दादाजी गुरुदेव की परम प्रेरणा से दादाजी धाम मंदिर परिसर में पूर्व में रोपे गए अशोक, नीम, पीपल, बरगद, बेलपत्र, आंवला और नवग्रह वृक्षों सहित अनेक छायादार, औषधीय एवं पुष्पीय पौधे आज विशाल स्वरूप धारण कर चुके हैं, जिसके चलते यह मंदिर परिसर आज हरियाली, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का एक अनूठा प्रेरणा केंद्र बन गया है। गुरुदेव के संदेशानुसार प्रत्येक परिवार को प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और आने वाली पीढ़ियों को भी वृक्षों के महत्व से अवगत कराना चाहिए।
इस अवसर पर ट्रस्ट द्वारा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नि:स्वार्थ भाव से कार्य कर रहे सभी समाजसेवियों, पर्यावरण प्रेमियों, युवाओं और विद्यार्थियों के प्रति आभार व शुभकामनाएं व्यक्त की गईं। संदेश में दृढ़ता से कहा गया कि हमारी धरती को हरा-भरा बनाना ही सच्ची मानव सेवा है और आज का हमारा यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव साबित होगा।
