नई दिल्ली,
इजरायली वायु सेना ने शुक्रवार शाम को लेबनान की राजधानी बेरूत में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए. सेना ने कहा कि इसने ‘ऑपरेशन न्यू ऑर्डर’ के तहत हिज़्बुल्लाह के मुख्यालय पर हमला किया. हमलों में हिज़्बुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह को निशाना बनाया गया था, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वो उस समय कमांड सेंटर में ही था. इजरायल ने दावा किया है कि इस हमले में हिज्बुल्लाह चीफ मारा गया.
हिज्बुल्लाह ने की नसरल्लाह की मौत की पुष्टि
हिज्बुल्लाह ने संगठन चीफ नसरल्लाह की मौत की पुष्टि कर दी है. हिज्बुल्लाह की तरफ से बयान जारी किया गया है. इसमें कहा गया है, “हिजबुल्लाह के महासचिव महामहिम सैय्यद हसन नसरल्लाह अपने महान अमर शहीद साथियों में शामिल हो गए हैं, जिनके मार्ग पर उन्होंने लगभग तीस वर्षों तक नेतृत्व किया. 1992 में इस्लामिक प्रतिरोध के शहीदों के गुरु के उत्तराधिकारी बने, 2000 में लेबनान की मुक्ति तक और 2006 में शानदार दिव्य विजय और सम्मान और बलिदान की सभी लड़ाइयों तक, फिलिस्तीन, गाजा और उत्पीड़ित फिलिस्तीनी लोगों के समर्थन और वीरता की लड़ाई में पहुंचे.”
हिज्बुल्लाह ने आगे कहा, “हम उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं. हिज्बुल्लाह का नेतृत्व बलिदान और शहीदों से भरे हमारे मार्ग में सर्वोच्च, पवित्र और सबसे कीमती शहीद को दुश्मन का सामना करने, गाजा और फिलिस्तीन का समर्थन करने और लेबनान और उसके दृढ़ और सम्माननीय लोगों की रक्षा करने के लिए अपने जिहाद को जारी रखने की प्रतिज्ञा करता है.”
ईरान ने OIC देशों की बैठक बुलाने का आह्वान किया
इस बीच ईरान ने लेबनान और फिलिस्तीन में इजरायल के हमलों से निपटने के लिए इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के सदस्य देशों के नेताओं की तत्काल बैठक बुलाने का आह्वान किया. शुक्रवार को OIC के विदेश मंत्रियों की वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए ईरानी उप विदेश मंत्री (कानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों) काज़ेम गरीबाबादी ने फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों का समर्थन करने में इस्लामी देशों के बीच एकता और एकजुटता के महत्व पर जोर दिया.
इजरायली मीडिया का कहना है कि हिज्बुल्लाह के मुख्यालय पर 80 से ज़्यादा बम गिराए गए. हर बम पर औसतन एक टन विस्फोटक था. बंकरों को भेदने वाले बमों का भी इस्तेमाल किया गया. इसी भीषण हमले में नसरल्लाह की मौत हुई है. एक इजरायली अधिकारी ने टाइम्स ऑफ इजरायल को पुष्टि की कि हमलों में हिज़्बुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह को निशाना बनाया गया था.
इसके साथ ही हसन नसरल्लाह की बेटी ज़ैनब नसरल्लाह के भी मारे जाने का दावा किया जा रहा है. इस हमले के बाद इलाके में धुएं के गुबार छा गए. आसमान में सिर्फ धुआं ही धुआं नजर आ रहा था. सड़कें मलबे से भर गईं. करीब 6 इमारतें ध्वस्त हो गईं.
अधिकारी ने कहा, “ऐसे हमले से उसके ज़िंदा बच निकलने की कल्पना करना बहुत मुश्किल है, क्योंकि कई हिब्रू मीडिया रिपोर्टों में भी कहा गया है कि भूमिगत मुख्यालय पर हमले में नसरल्लाह की मौत हो गई. उधर, लेबनानी सशस्त्र समूह के एक करीबी सूत्र ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि शुक्रवार शाम को बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर इजरायल के हमलों के बाद हिज्बुल्लाह के प्रमुख हसन नसरल्लाह से संपर्क नहीं किया जा सका.
वहीं इजरायली एयरस्ट्राइक के बाद बेरूत के घनी आबादी वाले दक्षिणी उपनगरों में हज़ारों लोग जान बचाकर भागने को मजबूर हैं. हजारों लोगों ने सड़कों, सार्वजनिक चौकों और अस्थायी आश्रयों में रात भर डेरा डाला. इन सभी लोगों को इजरायल ने हिज़्बुल्लाह के गढ़ पर हमला करने से पहले बाहर निकलने का आदेश दिया था.
इजरायल के टारगेट पर हिज्बुल्लाह के एंटी-शिप मिसाइल
आईडीएफ का कहना है कि वह वर्तमान में बेरूत के दहियाह उपनगर में तीन इमारतों पर हमला कर रहा है, जहां हिजबुल्लाह ने एंटी-शिप मिसाइलों का भंडारण किया हुआ है. सेना ने कहा कि हमलों के बारे में आगे की जानकारी बाद में दी जाएगी. इससे पहले, आईडीएफ ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में तीन इमारतों के आस-पास के नागरिकों को चेतावनी दी थी कि उन पर जल्द ही हमला किया जाएगा. आईडीएफ के प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हगारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि नागरिक इमारतों के नीचे भूमिगत भंडारण सुविधाएं हैं, जहां हिज्बुल्लाह ने तट से समुद्र तक मिसाइलें, हथियार रखे हैं जो इजरायल और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए खतरा हैं.
