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Monday, May 4, 2026
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इलाहाबाद यूनिवर्सिटी को पता नहीं और छात्रों से मिल आए ब्रिटिश उच्‍चायोग के अफसर

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प्रयागराज

इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने इस बात पर ऐतराज जताया है कि ब्रिटिश उच्‍चायोग के दो अधिकारियों ने बिना सूचना दिए फीस वृद्धि का विरोध कर रहे छात्रों के साथ मुलाकात की। विश्‍वविद्यालय ने इसे ‘प्रोटोकॉल का उल्‍लंघन’ बताया है। यूनिवर्सिटी की ओर से इस मामले की जानकारी शिक्षा मंत्रालय, प्रयागराज जिला प्रशासन और कमिश्‍नर को दी गई है। यून‍िवर्सिटी की प्रवक्‍ता जया कपूर के मुताबिक, ये दोनों अधिकारी 29 अगस्‍त को बिना यून‍िवर्सिटी प्रशासन को बताए छात्रों से मिले थे।

जया कपूर ने कहा, ‘हमें अखबार से पता चला कि ब्रिटिश उच्चायोग के दो अधिकारी एक पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष के साथ विश्वविद्यालय आए थे।’ उन्होंने कहा, ‘ब्रिटिश उच्चायोग के लोगों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से ना तो संपर्क किया और ना ही अनुमति ली। उनका राजनयिक का दर्जा है और उनको उचित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कुलपति से मुलाकात करनी चाहिए थी। उन्होंने प्रोटोकॉल का पालन ना कर सीधे छात्रों से मुलाकात की।’

छात्रों को सुविधाओं की जानकारी दी
इससे पहले नई दिल्ली स्थित ब्रिटिश उच्चायोग के दो अधिकारी इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन को बगैर सूचित किए गत 29 अगस्त को विश्वविद्यालय के छात्र छात्राओं से मिले थे। उन्‍होंने छात्रों को ब्रिटेन की सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। इन अधिकारियों ने विश्वविद्यालय परिसर में आंदोलनरत छात्रों से भी मुलाकात की।

आंदोलनकारी छात्रों से भी मिले
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्र नेता अजय सिंह सम्राट ने बताया कि गत 29 अगस्त को पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष ऋचा सिंह ब्रिटिश उच्चायोग के दो अधिकारियों को लेकर छात्रों के पास आई थीं। उन्होंने बताया कि ब्रिटिश उच्चायोग के राजनीतिक एवं द्विपक्षीय मामलों के प्रमुख रिचर्ड बर्लो और वरिष्ठ राजनीतिक सलाहकार भावना विज ने छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। सम्राट ने बताया कि इन दोनों अधिकारियों ने ब्रिटिश उच्चायोग के जरिए आयोजित की जा रही प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए छात्राओं को प्रेरित किया। विजेता छात्रा को एक दिन के लिए उच्चायुक्त बनाया जाएगा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि के खिलाफ छात्रों का एक समूह छात्रसंघ संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले आमरण अनशन पर बैठा है। विश्वविद्यालय ने स्नातक शिक्षा की फीस लगभग 400 प्रतिशत बढ़ा दी है।

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