नई दिल्ली
वक्फ बिल की जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी की मीटिंग में एक बार फिर मंगलवार को हंगामा हुआ। इस मीटिंग के दौरान भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों के बीच तीखी झड़प हुई। बैठक के दौरान हाथापाई होने के बाद इसे कुछ देर के लिए रोक दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने वहां रखी कांच की पानी की बोतल उठाकर मेज पर मारी और गलती से खुद को चोटिल कर लिया। उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। बाद में उन्हें एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी और आप नेता संजय सिंह मीटिंग रूम में वापस ले जाते हुए देखे गए। अब उन पर एक्शन हुआ है वह अगली जेपीसी की मीटिंग में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
अगस्त महीने में सरकार द्वारा लोकसभा में पेश किए गए वक्फ विधेयक की संयुक्त संसदीय समिति जांच कर रही है। इस समिति की अध्यक्षता भारतीय जनता पार्टी के जगदंबिका पाल कर रहे हैं। घटना के समय समिति जजों और वकीलों के एक ग्रुप की राय सुन रही थी। इस बीच अचानक से कल्याण बनर्जी उठकर बोलने लगे। उनके बोलने पर बीजेपी नेता अभिजीत गंगोपाध्याय ने कड़ी आपत्ति जताई।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जब अभिजीत गंगोपाध्याय ने आपत्ति जताई तो उनके खिलाफ टीएमसी सांसद ने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इसके बाद गु्स्से में कांच की बोतल को उठाकर मेज पर पटक दिया और चोटिल हो गए।
संसद के एनेक्सी भवन में हुई मीटिंग
वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पर जेपीसी की मीटिंग दिल्ली में संसद भवन के एनेक्सी भवन में हुई। बीजेपी सांसद सांसद जगदंबिका पाल की अध्यक्षता में समिति का उद्देश्य वक्फ अधिनियम में सुधार करना है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वक्फ संपत्तियों का इस्तेमाल समुदाय के फायदे के लिए किया जा सके। आज की बैठक में समिति ओडिशा के कटक में मौजूद जस्टिस इन रियलिटी और पंचसखा प्रचार के प्रतिनिधियों के विचार और सुझाव सुन रही थी। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के पांच सांसदों का एक डेलिगेशन भी विधेयक पर अपने विचार रखेगा।
विपक्षी सदस्यों ने राजनीतिक कारणों से विधेयक पेश करने का आरोप लगाया
विपक्षी सदस्यों ने सरकार पर राजनीतिक कारणों से विधेयक पेश करने का आरोप लगाया तथा कहा कि यह विधेयक मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाकर लाया गया है। एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को विधेयक की करीब एक घंटे तक आलोचना की और चिंता भी जाहिर की है। तृणमूल कांग्रेस के नेता कल्याण बनर्जी ने तो यहां तक पूछ लिया कि क्या अल्लाह के नाम पर चलने वाले वक्फ को राज्य द्वारा कानूनी मान्यता दी गई है।
