9 C
London
Wednesday, May 13, 2026
Homeराज्यअल्पेश ठाकोर के साथ सीएम भूपेंद्र पटेल लेकिन हार्दिक पटेल के पर्चा...

अल्पेश ठाकोर के साथ सीएम भूपेंद्र पटेल लेकिन हार्दिक पटेल के पर्चा भरते वक्त कोई नहीं!

Published on

अहमदाबाद

गुजरात विधानसभा चुनाव के दोनों चरण के लिए उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल कर दिया है। कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए अल्पेश ठाकोर और हार्दिक पटेल ने भी अपनी-अपनी सीट से पर्चा भरा। हालांकि इस दौरान अल्पेश के साथ खुद सीएम भूपेंद्र पटेल मौजूद रहे लेकिन हार्दिक पटेल अकेले ही रह गए। गुजरात के सियासी गलियारों में इस पर खूब चर्चा हुई। बीजेपी इस पर साफ तौर से तो कुछ नहीं बोल रही लेकिन अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि हार्दिक पटेल के नामांकन में पूर्व सीएम विजय रूपाणी जाने वाले थे लेकिन अंतिम मौके पर किसी कारणवश वह नहीं जा सके। ऐसे में हार्दिक को अकेले ही पर्चा भरना पड़ा।

हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकुर और जिग्नेश मेवाणी, 2017 के गुजरात चुनाव में यह तिकड़ी कुछ हद तक बीजेपी के रथ को रोकने को कामयाब रही थी। पाटीदारों के आरक्षण के लिए हार्दिक पटेल ने बड़ा आंदोलन चलाया और उसका नेतृत्व भी किया था। अल्पेश ने ओबीसी समाज को एकजुट किया जबकि जिग्नेश ने दलितों पर पकड़ बनाई। नतीजा यह रहा कि बीजेपी गुजरात में 100 का आंकड़ा भी नहीं छू पाई थी।

15 नवंबर को हार्दिक ने भरा नामांकन
हालांकि पांच साल बाद स्थिति बदल गई है। अब हार्दिक और अल्पेश ठाकोर बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। हार्दिक पटेल विरमगाम सीट से तो अल्पेश ठाकोर गांधीनगर दक्षिण सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। हार्दिक पटेल ने 15 नवंबर को गुजरात के विरमगाम से नामांकन दाखिल किया था। इस दौरान उन्होंने विरमगाम को जिले का दर्जा दिलाने के लिए अपने वादे सामने रखे थे। लेकिन उनके नामांकन पर किसी बीजेपी नेता के न पहुंचने पर सबकी नजरें टेढ़ी हो गईं।

हार्दिक पटेल इसी साल जून महीने में बीजेपी में शामिल हुए। उस वक्त भी बीजेपी के अंदर असहज की स्थिति बनी थी। कई कार्यकर्ता बीजेपी में हार्दिक की एंट्री को लेकर नाराज थे। कार्यकर्ताओं का कहना था कि जिस हार्दिक पटेल ने बीजेपी नेताओं को इतना भला-बुरा कहा हो, उसका पार्टी में शामिल होना दुख की बात है। इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरेगा।

हार्दिक से बीजेपी की दूरी की वजह क्या?
हार्दिक के बीजेपी में आने से कार्यकर्ताओं की नाराजगी समझ में आती है लेकिन नामांकन के दौरान गुजरात बीजेपी के शीर्ष नेताओं में से किसी का न पहुंचना कई सवाल खड़ा करता है। गौरतलब है कि गुजरात की 182 सीटों पर 1 और 5 दिसंबर को मतदान होने वाले हैं। वहीं 8 दिसंबर को नतीजे आएंगे।

Latest articles

असम के दूसरी बार मुख्यमंत्री बने हिमंता, 2 बीजेपी और 2 सहयोगी दलों से मंत्री बने, मोदी-शाह मौजूद रहे

गुवाहाटी। हिमंता बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बने हैं। असम के...

मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से धनंजय तिवारी को मिली 14 हजार से अधिक रुपये की राहत

रायपुर। विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026...

बीएचईएल में नई भर्ती आर्टिजनों के वेतन पुनरीक्षण की मांग, ऐबू ने प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन

भोपाल। बीएचईएल भोपाल में नई भर्ती कामगारों (आर्टिजनों) के हितों और वेतन विसंगतियों को...

उद्यमशीलता से प्रवासी राजस्थानियों ने देश-विदेश में बनाई अलग पहचान : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों ने अपनी उद्यमशीलता, मेहनत और दूरदर्शिता...

More like this

मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से धनंजय तिवारी को मिली 14 हजार से अधिक रुपये की राहत

रायपुर। विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026...

उद्यमशीलता से प्रवासी राजस्थानियों ने देश-विदेश में बनाई अलग पहचान : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों ने अपनी उद्यमशीलता, मेहनत और दूरदर्शिता...

विज्ञान, तकनीक और नवाचार ही विकास का वास्तविक माध्यम : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में भजनलाल शर्मा...