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डोनाल्ड ट्रंप का बांग्लादेश पर हिंदुओं वाला दांव, कमला हैरिस से 1 फीसदी का मार्जिन पाट देगा?

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नई दिल्ली

अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में अब एक हफ्ते भी नहीं बचे हैं। 5 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। मुकाबला सत्ताधारी डेमोक्रैट पार्टी की कमला हैरिस और रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप के बीच है जो एक बार राष्ट्रपति रह चुके हैं। चुनाव पूर्व सर्वे की माने तो बहुत तगड़ा मुकाबला है। कांटे की टक्कर है। रॉयटर्स-इप्सॉस के हालिया सर्वे की माने तो कांटे के मुकाबले में कमला हैरिस को ट्रंप पर 1 फीसदी की बढ़त हासिल है। लेकिन चुनाव से पहले ट्रंप ने बड़ा दांव खेल दिया है। ऐसा दांव जो न सिर्फ इस एक फीसदी के मार्जिन को पाटने में मददगार हो सकता है बल्कि उनके सिर पर जीत का सेहरा भी सुनिश्चित कर सकता है। ट्रंप का ये दांव है खुद को हिंदू हितों के रक्षक के तौर पर प्रोजेक्ट करने का।

ट्रंप का ‘हिंदू दांव’
डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को दीपावली के मौके पर कमला हैरिस और जो बाइडन पर हिंदुओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए अपने एक लंबे पोस्ट में बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हुई हिंसा और अत्याचार की निंदा की।

ट्रंप ने हैरिस और बाइडन पर अमेरिका और पूरी दुनिया में हिंदुओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। हिंदू अमेरिकियों को ‘रैडिकल लेफ्ट’ के धर्म-विरोधी अजेंडे से बचाने का भरोसा दिया। उनकी आजादी के लिए लड़ने का भरोसा दिया। भारत और अपने ‘अच्छे मित्र’ नरेंद्र मोदी के साथ पार्टनरशिप को और ज्यादा मजबूत करने का वादा किया।

हिंदू-विरोधी अजेंडा के खिलाफ साथ का दिया भरोसा
ऐसा पहली बार है जब अमेरिका का कोई पूर्व राष्ट्रपति सार्वजनिक तौर पर खुलकर हिंदू हितों की बात की है। हिंदुओं के उत्पीड़न, उन पर अत्याचार का मुद्दा उठाया है। हिंदू-विरोधी अजेंडे के विरोध का ऐलान किया है। ट्रंप का ये दांव भारतीय अमेरिकियों और उनमें भी खासकर हिंदू अमेरिकियों को लुभाने की कोशिश है।

इंडियन अमेरिकन पर कमजोर हो रही कमला हैरिस की पकड़!
भारतीय अमेरिकी परंपरागत तौर पर डेमोक्रेट पार्टी को पसंद करते हैं लेकिन कमला हैरिस भारतीय मूल के होने के बावजूद इस समुदाय को रिझा पाने में नाकाम दिख रही हैं। 2020 से शुरू हुए इंडियन अमेरिकन एटिट्यूड सर्वे (आईएएएस) के मुताबिक, डेमोक्रेट पार्टी ही इंडियन अमेरिकन की पहली पसंद रही है। लेकिन आईएएएस के लेटेस्ट सर्वे के मुताबिक, इंडियन अमेरिकन समुदाय पर डेमोक्रेटिक पार्टी की पकड़ कमजोर हुई है। वह भी तब जब कमला हैरिस खुद भारतीय मूल की हैं। उनकी मां श्यामला हिंदू थीं। हालांकि, सर्वे के मुताबिक डेमोक्रेटिक पार्टी अभी भी इंडियन अमेरिकन समुदाय की पहली पसंद बनी हुई है।

क्यों अहम हैं हिंदू वोटर?
हाल के वर्षों में अमेरिका में भारतीय अमेरिकी समुदाय की सियासी अहमियत काफी बढ़ी है। करीब 52 लाख आबादी के साथ ये समुदाय मेक्सिकन अमेरिकन के बाद अमेरिका का सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है। इसे ऐसे भी समझ सकते हैं कि अमेरिका में भारतीय अमेरिकियों की तादाद डेढ़ से पौने दो प्रतिशत के बीच है। इनमें ज्यादातर हिंदू हैं। अगर इस वर्ग का ट्रंप की तरफ झुकाव बढ़ा तो हैरिस के साथ कांटे की टक्कर में ये फैक्टर निर्णायक साबित हो सकता है।

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