नई दिल्ली
अपने रोचक और बेबाक बयानों के लिए मशहूर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में अचानक तबीयत बिगड़ गई। दरअसल, गडकरी का शूगर लेवल गिर गया था और वे थोड़े असहज हो गए थे। ये पहली बार नहीं जब का मंच पर तबीयत खराब हुई हो। इससे पहले भी गडकरी सार्वजनिक कार्यक्रमों में बीमार पड़े हैं। पीएम नरेंद्र मोदी कैबिनेट के सबसे काबिल मंत्रियों में शुमार गडकरी पश्चिम बंगाल में कई कार्यक्रमों में भाग लेने वाले थे लेकिन अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई।
जब 2018 में स्टेज पर बेहोश हो गए थे गडकरी
दरअसल, गडकरी शूगर के मरीज हैं। 2018 में महाराष्ट्र के अहमदनगर में एक कार्यक्रम के दौरान उनकी तबीयत खराब हो गई थी। वो मंच पर ही बेहोश हो गए थे। वहां मौजूद लोगों ने गडकरी को अस्पताल पहुंचाया था। इस घटना के बाद गडकरी ने ट्वीट कर कहा था, ‘लो शूगर के कारण मेरी तबीयत थोड़ी खराब हो गई थी। डॉक्टर की देखरेख में अब मेरी सेहत ठीक है। आपकी शुभकामनाओं के लिए शुक्रिया।’ इसी तरह 2019 के जनवरी महीने में सोलापुर में खराब तबीयत के कारण गडकरी मंच पर बैठ गए थे। उस वक्त गडकरी के करीबियों ने बताया कि गडकरी ने गले में इंफेक्शन के लिए एंटीबायोटिक्स की हेवी डोज ली थी जिसके कारण उन्हें चक्कर आ गया था। हालांकि बाद में गडकरी ने कहा था कि वह ठीक हैं। 21 अप्रैल 2010 को जब गडकरी बीजेपी अध्यक्ष थे तो महंगाई विरोधी एक रैली के दौरान जंतर-मंतर जाते वक्त बेहोश हो गए थे।
65 वर्षीय बीजेपी नेता एक वक्त मोटापे की समस्या से भी जूझ रहे थे। उनकी स्थिति ये होती थी कि पैदल चलने में भी वो हांफ जाते थे। बाद में ऐसा कहा जाता है कि गडकरी ने मोटापा कम करने के लिए मुंबई के एक अस्पताल में बैरियाट्रिक सर्जरी कराई थी। हालांकि, न तो गडकरी और न ही किसी बीजेपी नेता ने इसकी पुष्टि की। 2011 में गडकरी एक अस्पताल में कुछ दिन के लिए भर्ती हुए थे। तब बीजेपी सूत्रों ने बताया था कि गडकरी डायबिटीज की जांच के लिए अस्पताल में भर्ती हुए थे।
सिलीगुड़ी में बिगड़ी तबीयत
सड़क परिवहन मंत्री गडकरी की पश्चिम बगाल के सिलीगुड़ी में तबीयत बिगड़ गई। दरअसल, वह एक ऐलिवेटेड रोड का उद्घाटन करने पहुंचे थे। कार्यक्रम के बीच में गडकरी ने कुछ असहज होने की शिकायत की। इसके तुरंत बाद डॉक्टरों ने उनकी जांच की। एक बीजेपी नेता ने बताया कि केंद्रीय मंत्री का ब्लड शूगर लेवल घट गया था। डॉक्टरों ने उनकी जांच की है।
क्या होती है बैरियाट्रिक सर्जरी?
बैरियाट्रिक सर्जरी को वजन कम करने वाली सर्जरी के रूप में भी जाना जाता है। इसमें पेट को थोड़ा छोटा कर दिया जाता है। इसके कारण मरीज को भूख कम लगती है। डॉक्टर ऑपरेशन के दौरान आंतों को थोड़ा छोटा कर देते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक देश में महज एक फीसदी लोग ही बैरियाट्रिक सर्जरी करवाते हैं।
