12.4 C
London
Thursday, April 2, 2026
Homeराष्ट्रीय‘पत्नी अगर शारीरिक संबंध बनाने से करे मना तो अगली सुबह…’, मैरिटल...

‘पत्नी अगर शारीरिक संबंध बनाने से करे मना तो अगली सुबह…’, मैरिटल रेप पर SC का बड़ा सवाल

Published on

नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट में मैरिटल रेप के मामले में सुनवाई की गई है। कोर्ट ने कहा कि वह भारतीय न्याय संहिता के उन दंडनीय प्रावधानों की संवैधानिक वैधता पर फैसला करेगी जो बलात्कार के लिए पति को मुकदमे से बचाता है। अगर पत्नी की सहमति नहीं तो तब भी उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने को क्यों ना रेप की श्रेणी में रखा जाए। इस मामले में कोर्ट ने कहा कि पत्नी के साथ जबरन संबंध बनाने में पति को सिर्फ इसलिए छूट मिल रही, क्योंकि पीड़ित उसकी पत्नी है। कोर्ट में दलील दी गई कि यह जनता बनाम पितृसत्ता की लड़ाई है।

केंद्र सरकार ने दी ये दलील
केंद्र सरकार ने दलील दी कि अगर ऐसे मामलों के अपराध की कैटेगरी में लाया गया तो इससे वैवाहिक संबंधों पर गंभीर असर पड़ेगा और विवाह की संस्था भी प्रभावित होगी। इस पर कोर्ट ने कहा कि अगर अपवाद के तहत शादी के बाद पति को शारीरक संबंध बनाने के लिए मिलने वाली छूट को खत्म कर दिया जाता है तो क्या एक नए तरह के अपराध का निर्माण करना होगा? कोर्ट ने कहा कि पत्नी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने की छूट देने वाले प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को लेकर विचार किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि “मान लीजिए कोई पति अपनी पत्नी पर हमला करने या अभद्र व्यवहार करने की हद तक चला जाता है, तो कानून के अनुसार उस पर मुकदमा चलाया जा सकता है। लेकिन यदि जबरदस्ती संबंध बनाने की बात हो और पत्नी मना कर दे और अगले दिन FIR दर्ज करवा दे, तो क्या होगा? इस मामले में वकील नंदी ने कहा कि “किसी भी महिला को ना कहने का अधिकार उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि उसका हां कहना।” इस पर जस्टिस पारदीवाला ने फिर पूछा, “तो क्या पति को पत्नी के इनकार को मान लेना चाहिए या तलाक दाखिल कर देना चाहिए? एडवोकेट नंदी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि “पति को अगले दिन तक इंतजार करना चाहिए और अधिक हैंडसम बनकर आना चाहिए।”

बीएनएस की धारा 67 पर भी हुई चर्चा
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा 67 को लेकर भी चर्चा की गई। इसमें पति द्वारा अपनी पत्नी के साथ यौन संबंध बनाने को अपराध मानता है जो अलग रह रही है। इस पर जस्टिस पारदीवाला ने कहा धारा 67 देखें तो उसमें कहा गया है कि अलग रहने के दौरान पत्नी के साथ यौन संबंध अलग होने के आदेश के तहत या अन्यथा…तो यह अपराध है। तो इस “अन्यथा” का क्या अर्थ है? अगर मान लीजिए कोई पत्नी माता-पिता के घर जाती है वहां उनके बीच संबंध बनते हैं तो उन्हें किस श्रेणी में रखा जाएगा। सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, “यहां अलग रहने का मतलब सिर्फ अलग-अलग जगहों पर रहना नहीं है, बल्कि एक-दूसरे के साथ सहवास न करने के इरादे से रहना है।”

Latest articles

परीक्षा देने आई छात्रा से होटल कर्मचारी ने किया दुष्कर्म, शादी का झांसा देकर फंसाया

भोपाल। मप्र की राजधानी के मंगलवारा इलाके में एक होटल कर्मचारी द्वारा इंदौर की...

एमपी में सेहत से खिलवाड़: ग्वालियर मिलावट में नंबर-1, दूध-घी जैसे रोजमर्रा के 2000 से ज्यादा सैंपल फेल

भोपाल। मध्य प्रदेश में शुद्ध के लिए युद्ध के दावों के बीच मिलावटखोरी का...

सीनियर एडवोकेट एचएस फूलका भाजपा में शामिल, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दीं शुभकामनाएं

चंडीगढ़/दिल्ली। पंजाब की राजनीति में बुधवार को उस समय बड़ा मोड़ आ गया जब...

पंजाब में गेहूं खरीद के पहले ही दिन मंडियों में पसरा सन्नाटा, 45 हजार आढ़ती हड़ताल पर

चंडीगढ़। पंजाब में आज से गेहूं की सरकारी खरीद का आगाज हो गया है,...

More like this

युवा विधायक सम्मेलन में जुटे दिग्गज, ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प पर हुआ मंथन

भोपाल मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित दो दिवसीय 'युवा विधायक सम्मेलन' के दूसरे दिन संसदीय गरिमा...

1 अप्रैल से जेब पर बढ़ेगा बोझ: नेशनल हाईवे पर सफर होगा 5 से 10% तक महंगा

आने वाली 1 अप्रैल से नेशनल हाईवे पर सफर करना आपकी जेब पर भारी...