वॉशिंगटन
अफगानिस्तान में अमेरिका के पूर्व प्रतिनिधि जालमे खलीलजाद ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के आतंकवाद के समर्थन के बारे में हाल में ही की कई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान आज भी चरमपंथी और आतंकवादी समूहों को समर्थन देना जारी रखे हुए है। उन्होंने शनिवार को एक्स पर लिखा कि विश्वसनीय रिपोर्टें हैं कि बलूच विद्रोहियों ने मार्च के मध्य में बलूचिस्तान के मस्तुंग जिले में आईएसआईएस प्रशिक्षण केंद्र पर हमला किया, जिसमें भारत, ताजिकिस्तान, तुर्की और उज्बेकिस्तान के नागरिकों सहित समूह के लगभग 30 सदस्य मारे गए।
ISI चला रही इस्लामिक स्टेट के कैंप
खलीलजाद ने कहा: “अगर यह देश आतंकवाद से लड़ने के बारे में वास्तव में गंभीर है, तो यह असंभव है कि ऐसे केंद्रों का अस्तित्व आईएसआई (पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी) की नज़रों से छिपा हो।” पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने स्काई न्यूज के यल्दा हकीम से बात करते हुए स्वीकार किया कि पाकिस्तानी सरकारें पिछले तीन दशकों से आतंकवादी समूहों का समर्थन कर रही हैं। उन्होंने कहा, “हम तीन दशकों से अमेरिका, ब्रिटेन और पश्चिम के लिए ये गंदे काम कर रहे हैं।” “यह एक गलती थी और इसीलिए अब हमें इसके लिए दोषी ठहराया जा रहा है।”
पाकिस्तान बना आतंकवादियों का पनाहगाह
खलीलजाद ने सोशल नेटवर्क एक्स पर लिखा: “क्या पाकिस्तान अब आतंकवादियों और चरमपंथी समूहों के लिए पनाहगाह नहीं रह गया है?” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विश्वसनीय रिपोर्टें पाकिस्तान में खतरनाक आतंकवादी समूहों की मौजूदगी का संकेत देती रहती हैं। उनके अनुसार, “इस्लामाबाद को आईएसआईएस और अन्य आतंकवादी समूहों की मौजूदगी को गंभीरता से लेना चाहिए, जो पाकिस्तान, क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।”
आतंकवाद का इस्तेमाल कर रहा पाकिस्तान
खलीलजाद ने चेतावनी दी कि आतंकवाद को सामरिक उद्देश्यों के लिए एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल करना एक विनाशकारी नीति है जो अंततः उन लोगों को नुकसान पहुंचाएगी जो इस घटना का उपयोग करते हैं। खलीलजाद ने हाल ही में पाकिस्तान से वापस लौटने वाले अफगानों के बीच आईएसआईएस के संभावित प्रभाव पर भी बात की। तालिबान अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि आईएसआईएस के पास पाकिस्तानी धरती पर, विशेष रूप से बलूचिस्तान प्रांत में शरणस्थल हैं।
