4.6 C
London
Saturday, April 25, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयबांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस का असली चेहरा आया सामने! हिंदुओं की अगुवाई...

बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस का असली चेहरा आया सामने! हिंदुओं की अगुवाई करने वाले धर्मगुरु पर देशद्रोह का केस

Published on

ढाका

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस अब सीधे हिंदुओं के दमन पर उतर आए हैं। हिंदुओं पर हमले रोकने में नाकाम यूनुस सरकार अब इन अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाने वाले हिंदू नेताओं और धर्मगुरुओं के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर रही है। बांग्लादेश के प्रमुख हिंदू धार्मिक नेता चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज किया गया है। इन सभी के ऊपर 25 अक्तूबर को चटगांव में न्यू मार्केट चौराहे पर बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज के ऊपर भगवा झंडा फहराने का आरोप लगा है।

चिन्मय कृष्ण समेत सभी लोगों के खिलाफ 30 अक्तूबर को पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस के एडिशनल डेप्युटी कमिश्नर काजी मोहम्मद तारेक अजीक ने बताया कि इस मामले में राजेश चौधरी और हृदय दास नाम के दो लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

हिंदू नेताओं को डराने की कोशिश?
बांग्लादेश की यूनुस सरकार हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को चुप कराना चाहती है। बांग्लादेश सनातन जागरण मंच के नेता चिन्मय कृष्ण दास 5 अगस्त को शेख हसीना के जाने के बाद से हिंदुओं पर हमलों के खिलाफ होने वाले प्रदर्शनों में सबसे आगे रहे हैं। 25 अक्तूबर को हिंदुओं ने चटगांव में बड़ी सभा की थी, जिसमें चिन्मय कृष्ण ने कट्टरपंथियों को सीधी चुनौती दी थी।

उन्होंने कहा, ‘अगर कोई हमें इस देश से बेदखल करके शांति से रहना चाहता है, तो यह अफगानिस्तान या सीरिया बन जाएगा। कोई लोकतांत्रिक ताकत नहीं होगी। बांग्लादेश सांप्रदायकिता का जंगल बन जाएगा।’ पुलिस की चार्जशीट में चिन्मय कृष्ण दास और अन्य पर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करके देशद्रोह में शामिल होने का आरोप लगाया गया है, जिसका उद्येश्य देश की संप्रभुता को कमजोर करना और अशांति पैदा करना था।

FIR के पीछे यूनुस सरकार
प्रमुख हिंदू नेताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज करके यूनुस सरकार देश के अल्पसंख्यकों को डराना चाह रही है। इंडिया टुडे ने बांग्लादेशी विशेषज्ञों के हवाले से बताया है कि बांग्लादेश के गृह मंत्रालय के अधिकारियों की मंजूरी के बिना देशद्रोह का मामला दर्ज नहीं किया जा सकता है। ऐसे मामलों में पुलिस स्टेशन का प्रभारी अधिकारी खुद आगे नहीं बढ़ सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 18 लोगों पर नामजद एफआईआर के साथ ही 18-20 अज्ञात लोगो का भी उल्लेख है। इससे मामले में अन्य लोगों का नाम जोड़ने की गुंजाइश बनी हुई है।

Latest articles

मंत्री प्रहलाद पटेल का भेल हेवु भारतीय मजदूर संघ ने किया सम्मान

भोपाल। मध्यप्रदेश श्रम एव पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल का भेल हेवु भारतीय...

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव मजबूत कर रही सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित...

समन्वय और टीम वर्क से सुलझाएं जनता की समस्याएं, अंतिम छोर तक पहुंचाएं लाभ : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'लोक सेवा दिवस' के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय...

More like this

ट्रम्प बोले- इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर राजी, आज रात 2:30 बजे से लागू होगा

दोनों देशों से बात कर सहमति बनाई तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा...

इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता: लेबनान पर तकरार, तेहरान और अमेरिका अपनी शर्तों पर अड़े!

नई दिल्ली। लगभग छह हफ़्तों तक चले विनाशकारी संघर्ष के बाद अब पूरी दुनिया...