वाशिंगटन:
New tariff on smartphones and semiconductors… Trump’s new order, tension with China will increase further!अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने रविवार को कहा कि स्मार्टफोन, कंप्यूटर, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों और सेमीकंडक्टर पर अलग-अलग क्षेत्र आधारित टैरिफ लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ये टैरिफ करीब एक महीने में लागू होंगे, और दवाओं पर टैरिफ अगले महीने से शुरू होंगे।
‘अमेरिका चीन पर निर्भर नहीं रह सकता’
लुटनिक ने कहा, ‘हम अपनी जरूरी चीजों जैसे दवाओं और सेमीकंडक्टर के लिए चीन पर निर्भर नहीं रह सकते। इन्हें अमेरिका में बनाना होगा।’ उन्होंने बताया कि सेमीकंडक्टर और दवा उद्योग को अमेरिका में लाने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप एक टैरिफ मॉडल लागू करेंगे। हालांकि, इन उत्पादों को मौजूदा टैरिफ से अस्थायी राहत दी गई है।
ट्रंप की टैरिफ छूट
शुक्रवार को डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने कुछ इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों और सेमीकंडक्टर को जवाबी टैरिफ से बाहर रखा। इसमें चीनी इलेक्ट्रॉनिक आयात भी शामिल हैं, जिन पर 145 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया था। अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा बुलेटिन के अनुसार, स्मार्टफोन, कंप्यूटर, सौर सेल, फ्लैट-पैनल टीवी डिस्प्ले और सेमीकंडक्टर स्टोरेज डिवाइस को 2 अप्रैल के टैरिफ से छूट दी गई है।
कंपनियों को राहत, लेकिन चुनौती बनी
इस छूट से ऐपल, सैमसंग और एनवीडिया जैसी कंपनियों को राहत मिली, जिनका बाजार मूल्य टैरिफ की घोषणा के बाद बहुत कम हो गया था। सीएनबीसी के अनुसार, ऐपल का बाजार मूल्य 640 अरब डॉलर से ज्यादा गिरा था। कुछ अनुमानों के मुताबिक, टैरिफ लगने से आईफोन की कीमत 3,500 डॉलर तक पहुंच सकती थी।
चीन का जवाब
इस छूट के बाद रविवार को चीन के वाणिज्य मंत्री ने ट्रंप से टैरिफ को पूरी तरह रद्द करने और अपनी नीति बदलने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह कदम दोनों देशों के लिए बेहतर होगा। अमेरिका का नया टैरिफ प्लान अपने उद्योग को मजबूत करने की कोशिश है, लेकिन इससे कंपनियों और चीन के साथ तनाव बढ़ सकता है। ट्रंप की यह नीति भविष्य में बड़े बदलाव ला सकती है। देखना यह होगा कि ट्रंप प्रशासन इस पर क्या रुख अपनाता है और इसका कंपनियों और उपभोक्ताओं पर क्या असर पड़ता है।
