नई दिल्ली,
दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए बड़ा फैसला लेने की संभावना है. बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के स्कूलों को ऑड-इवेन फॉर्मूले के तहत खोला जा सकता है. राज्य सरकार स्कूलों, कॉलेजों, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट को ऑड-ईवन पर चलाने का फैसला ले सकती है.अगर ऑड-इवेन फॉर्मूला लागू होता है तो आधे-आधे छात्रों को फिजिकल क्लासेस के लिए बुलाया जाएगा. यानी आधे छात्रों को तीन दिन घर में रहना होगा और आधे छात्रों को स्कूल जाना होगा.दिल्ली में AQI severe श्रेणी की खराब हालत के मद्देनजर एयर क्वालिटी कमीशन ने कई आदेश दिए हैं, जो इस प्रकार हैं-
- राजधानी में जरूरी सामानों के अलावा अन्य डीजल ट्रकों की एंट्री पर रोक, सीएनजी और इलेक्ट्रिक ट्रक चल सकेंगे.
- राजधानी के अंदर भी मीडियम और बड़ी गाड़ियां नहीं चल सकेंगी, सिर्फ जरूरी सामानों से जुड़ी गाड़ियों को छूट रहेगी.
- शहरों में बीएस-4 की डीजल गाड़ियों पर रोक.
- जो इंडस्ट्री क्लीन फ्यूल पर नहीं चल रही हैं उन पर रोक.
- इमरजेंसी इंडस्ट्री जैसे दूध, डेयरी, दवाइयों व मेडिकल सामानों को छूट.
- हाइवे, सड़कों, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, पावर ट्रांसमिशन और पाइपलाइन जैसे बड़े प्रोजक्ट के निर्माण पर भी रोक.
- सरकारी और प्राइवेट ऑफिस में 50 प्रतिशत स्टाफ वर्क फ्रॉम होम रहेंगे (राज्य सरकार पर निर्भर).
NCPCR ने की थी स्कूल बंद करने की मांग
इससे पहले राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल बंद करने की मांग की थी. एनसीपीसीआर अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी को लेकर लिखकर एयर क्वालिटी इंप्रूव होने तक स्कूल बंद करने की मांग की थी.
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने दी थी ये जरूरी जानकारी
वहीं दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बढ़ते प्रदूषण के चलते कहा था कि CAQM इन सभी चीजों की मॉनिटरिंग कर रहा है. इसमें 3 दिन की एडवांस मॉनिटरिंग की जा रही है और इसी के हिसाब से ही चीजें तय की जाती है. अगर 450 से ज़्यादा AQI होता है तो GRAP 4 के अनुसार स्कूल बंद हो जाएंगे.
वायु प्रदूषण के चलते बढ़ा इंफेक्शन का खतरा
राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 500 पर पहुंच गया है, जो “खतरनाक” श्रेणी में आता है, जबकि कई जगहों में यह 750 तक पहुंच गया है. दिल्ली एनसीआर में पिछले कुछ दिनों में लोग कान, नाक और गले में इंफेक्शन महसूस कर रहे हैं.
15 नवंबर तक वायु प्रदूषण से छुटकारा मिलना मुश्किल
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में दिल्ली पर वायु प्रदूषण का खतरा और बढ़ सकता है. 15 नवंबर तक इससे छुटकारा पाना मुश्किल है, क्योंकि इस दौरान सबसे ज्यादा पराली जलाई जाती है. कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, खेत की आग से निकलने वाले धुएं ने शहर की हवा में छोटे PM 2.5 फेफड़ों को नुकसान 38 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा सकते हैं.
