नई दिल्ली:
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के एक बयान को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। ये बयान 26 साल की सीए एन्ना सेबेस्टियन पेरयिल की मौत को लेकर दिया गया है। एन्ना की मौत काम के दबाव के चलते हुई। इसे लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि लोगों को दबाव से निपटने के लिए आंतरिक शक्ति की जरूरत होती है और यह सिर्फ ईश्वर की कृपा से ही हासिल की जा सकती है। विपक्षी नेताओं समेत कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस बयान को असंवेदनशील बताया है।
छात्रों को संबोधित कर रहीं थी वित्त मंत्री
चेन्नई के एक मेडिकल कॉलेज में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, वित्त मंत्री सीतारमण ने एन्ना सेबेस्टियन पेरयिल की मौत का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘हमारे बच्चे पढ़ाई के लिए कॉलेज और यूनिवर्सिटी जाते हैं और अच्छे नंबरों से पास होते हैं। एक कंपनी में काम करने वाली महिला जिसने CA की पढ़ाई अच्छे से की थी, वह काम के दबाव को नहीं झेल पाई। दो-तीन दिन पहले हमें खबर मिली कि वह दबाव का सामना नहीं कर पाई और उसकी मौत हो गई।’
‘आंतरिक शक्ति से झेला जा सकता है दबाव’
उन्होंने आगे कहा कि इस घटना से परिवारों को क्या सिखाना चाहिए? आप जो भी पढ़ाई करते हैं और जो भी नौकरी करते हैं, उस दबाव को झेलने के लिए आपके अंदर आंतरिक शक्ति होनी चाहिए और यह सिर्फ ईश्वर की कृपा से ही हासिल की जा सकती है। वित्त मंत्री ने कहा, ‘ईश्वर में विश्वास रखें, हमें ईश्वर की कृपा की जरूरत है। ईश्वर की तलाश करें और अच्छा अनुशासन सीखें। आपकी आत्मशक्ति इसी से बढ़ेगी। आंतरिक शक्ति केवल आत्मशक्ति के बढ़ने से ही आएगी।’
वित्त मंत्री ने आगे कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को देवत्व और आध्यात्मिकता को बढ़ावा देना चाहिए। तभी हमारे बच्चों को आंतरिक शक्ति मिलेगी, इससे उनकी और देश की प्रगति में मदद मिलेगी। मेरा यह दृढ़ विश्वास है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने साधा निशाना
वित्त मंत्री के इस बयान को लेकर बवाल मच गया है। सोशल मीडिया यूजर्स उन पर असंवेदनशील टिप्पणी करने का आरोप लगा रहे हैं। इस बीच शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी वित्त मंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘निर्मला सीतारमण, एन्ना में चार्टर्ड अकाउंटेंसी की डिग्री हासिल करने के साथ आने वाले तनाव को झेलने की आंतरिक शक्ति थी। यह जहरीली कार्य संस्कृति और लंबे काम के घंटे थे जिन्होंने उनकी जान ले ली, जिस पर बात होनी चाहिए है। पीड़ित को शर्मिंदा करना बंद करें और कम से कम थोड़ा संवेदनशील बनने की कोशिश करें, मुझे यकीन है कि अगर आप चाहेंगी तो भगवान आपका मार्गदर्शन करेंगे।’
सीपीआई सांसद ने भी की आलोचना
इसके अलावा सीपीआई सांसद पी. संदोष कुमार ने वित्त मंत्री पर देश भर में कामकाजी लोगों के रोजमर्रा के संघर्षों को कम आंकने और नीचा दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘ज्यादा काम, अमानवीय काम करने की स्थिति, बेरोजगारी और सामाजिक सुरक्षा की कमी श्रमिकों, खासकर हमारे कार्यबल के युवा वर्गों में तनाव और असुरक्षा पैदा कर रहे हैं। इन ढांचागत चिंताओं को दूर करने के बजाय, वित्त मंत्री की ‘भगवान पर भरोसा करने’ की सलाह अजीब और असंवेदनशील है।’
पटना:
बिहार में पटना जिले के ‘बख्तियारपुर-ताजपुर गंगा महासेतु’ का एक निर्माणाधीन हिस्सा ढह गया। बिहार राज्य सड़क विकास निगम लिमिटेड (बीएसआरडीसीएल) के मुख्य महाप्रबंधक प्रबीन चंद्र गुप्ता ने बताया, ‘बियरिंग बदलना एक नियमित अभ्यास है। किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। हम काम का निरीक्षण करने के लिए मौके पर जा रहे हैं। बख्तियारपुर-ताजपुर गंगा महासेतु’ के निर्माण की देखरेख बीएसआरडीसीएल कर रहा है।’
बख्तियारपुर-ताजपुर गंगा महासेतु का एक हिस्सा गिरा
यह घटना बख्तियारपुर-ताजपुर गंगा महासेतु के गर्डरों की बियरिंग बदलने के दौरान हुई। खंभों पर गर्डर रखते समय उनमें से एक गिर गया। पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने बताया, ‘नियमित कार्य के दौरान बख्तियारपुर की तरफ निर्माणाधीन पुल का एक गर्डर गिर गया।’ इस परियोजना का निर्माण पिछले कई वर्षों से चल रहा है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जून 2011 में 5.57 किलोमीटर लंबे बख्तियारपुर-ताजपुर गंगा महासेतु के निर्माण की आधारशिला रखी थी। इस परियोजना की कुल लागत 1,602.74 करोड़ रुपए आंकी गई थी। परियोजना के पूरा होने के बाद यह पुल समस्तीपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग 28 और पटना में एनएच 31 को जोड़ेगा।
बिहार में अब भी जारी है पुल गिरने का सिलसिला
इस परियोजना का उद्देश्य पटना में महात्मा गांधी सेतु और मोकामा में राजेंद्र सेतु पर यातायात का भार कम करना है। इस घटना को हाल के दिनों में बिहार के कई जिलों में एक दर्जन से अधिक पुलों के ढहने की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।
तेजस्वी ने पुल निर्माण में लगाया करप्शन का आरोप
बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि 1603 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन समस्तीपुर-बख्तियारपुर-ताजपुर गंगा महासेतु के संपर्क पथ का पुल भर-भराकर गिर गया। तेजस्वी ने सोमवार यहां एक बयान जारी कर आरोप लगाते हुए कहा, ‘एक सप्ताह पूर्व करोड़ों रुपए की लागत से जमुई की बरनार नदी पर बना पुल भी धंस गया था। जबकि, उसका कुछ दिन पूर्व ही मुख्यमंत्री ने कथित निरीक्षण किया था।’
उन्होंने आरोप लगाया, ’20 वर्षों की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार की बुनियाद ही कमीशनखोरी, रिश्वत खोरी, संस्थागत भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता, अवैध वसूली और अपराधी व अधिकारियों की संगठित लूट पर टिकी है। क्या प्रधानमंत्री मोदी जी, बताएंगे कि बिहार में निरंतर पुलों का गिरना भ्रष्टाचारी संयोग है या प्रयोग?’
