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पाकिस्तान को कंगाली से निकलने के लिए चाहिए ‘मनमोहन सिंह’, पाक एक्सपर्ट ने अपनी हुकूमत को लताड़ा, दी भारत की मिसाल

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इस्लामाबाद

पाकिस्तान आर्थिक संकट के दलदल में गले तक फंस चुका है। हर दिन के साथ वह और नीचे धंसता जा रहा है। आईएमएफ की तरफ से भी राहत अभी दूर नजर आ रही है। भले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री मित्र देशों से कर्ज मांग रहे हैं लेकिन वह खुद स्वीकार कर चुके हैं कि ‘कर्ज संकट का हल नहीं है’। तो ऐसे में सवाल यह उठता है कि पाकिस्तान आर्थिक मुश्किलों से कैसे बाहर आ सकता है? विशेषज्ञ पाकिस्तान को भारत से सीख लेने की सलाह दे रहे हैं। एक पाकिस्तानी-अमेरिकी आर्थिक मामलों के जानकार ने इस्लामाबाद को सलाह दी है कि उसे डिफॉल्ट होने से बचने के लिए भारत की तरह योग्य लोगों को नियुक्त करना चाहिए।

एक्सपर्ट ने भारत के उन फैसलों को प्रशंसा की जो उसने दशकों पहले लिए थे, जब वह भी इसी तरह के संकट का सामना कर रहा था। प्रिंसटन यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर आतिफ मियां ने ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन के एक पैनल डिस्कशन में कहा, ‘एक राजनीतिक नेतृत्व का सबसे अहम काम महत्वपूर्ण मुद्दों से निपटने के लिए योग्य लोगों और टीम को नियुक्त करना है।’ गंभीर आर्थिक संकट के बीच पाकिस्तान में सबसे अधिक आलोचना मौजूदा वित्त मंत्री इशाक डार की हो रही है।

‘योग्यता के बजाय परिवार से नहीं चलता देश’
पाकिस्तान के पूर्व वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल के साथ चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, ‘अगर ऐसे फैसले लेते समय आप योग्यता से अधिक परिवार को वरीयता देते हैं, अगर सभी महत्वपूर्ण पदों के लिए आप अपने भाई, अपने बहनोई, अपनी बेटी और भतीजों को नियुक्त करते हैं तो आप 22 करोड़ लोगों के देश को नहीं चला सकते।’ आतिफ मियां ने वर्तमान आर्थिक संकट के लिए पिछली इमरान सरकार पर भी गुस्सा जाहिर किया और उनकी नीतियों की आलोचना की। इस दौरान उन्होंने भारत की जमकर तारीफ की।

विशेषज्ञ ने दी डॉ मनमोहन सिंह की मिसाल
मियां ने 1990 के दशक में आर्थिक संकट के दौरान योग्य लोगों की नियुक्ति के लिए भारत की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि 1990 के दशक में, भारत सरकार यह बात समझ गई थी कि देश का कायाकल्प करने के लिए उन्हें योग्य लोगों की जरूरत है। ‘वे किसे लेकर आए, वे मनमोहन सिंह जैसे लोगों को लेकर आए, जो बहुत कुशल और सम्मानित व्यक्ति हैं। उन्होंने मुख्य लोगों का धर्म भी उजागर नहीं किया। इसकी परवाह किए बगैर भारत ने उनकी नियुक्ति की।’

‘बांग्लादेश भी बेहतर, श्रीलंका जैसी स्थिति’
पाकिस्तानी मूल के प्रोफेसर ने कहा कि रिजर्व बैंक के गवर्नर के लिए भारत ने रघुराम राजन की योग्यता को चुना। आप इससे बेहतर नहीं हो सकते। भारत की मिसाल देते हुए उन्होंने कहा कि ‘देशों का कायाकल्प इस तरह होता है’। वह बोले, ‘इसी तरह की प्रथा बांग्लादेश में भी है, जहां शेख हसीना के परिवार का कोई भी सदस्य सरकार में नहीं है। इस तरह की अयोग्यता वाला इकलौता देश जो मुझे नजर आता है, वह श्रीलंका है।’

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