4.6 C
London
Saturday, April 25, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयपीएम मोदी और ताइवान के राष्‍ट्रपति में पहली बार हुई सीधी बात,...

पीएम मोदी और ताइवान के राष्‍ट्रपति में पहली बार हुई सीधी बात, आगबबूला हुआ चीन, वन चाइना नीति की दिलाई याद

Published on

बीजिंग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते के बीच पहली बार बात हुई है। लाई चिंग-ते ने लगातार तीसरी बार चुनावी जीत हासिल करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक्स पर बधाई दी तो पीएम मोदी ने भी इस पर जवाब दिया। लेकिन इस घटनाक्रम से ताइवान को हड़पने की योजना बना रहा चीन बुरी तरह तिलमिला गया है। चीनी विदेश मंत्रालय ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। चीनी विदेश मंत्रालय ने ताइवान के नेता के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवाद को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया है। यही नहीं चीन ने भारत को वन चाइना नीति की याद भी दिलाई है और ताइवान के नेताओं से सावधान रहने को कहा है।

ताइवान के नेता से पीएम मोदी की क्या हुई बात?
ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने बधाई देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी चुनावी जीत पर मेरी हार्दिक बधाई। हम तेजी से बढ़ती ताइवान-भारत साझेदारी को बढ़ाने, व्यापार, प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में हमारे सहयोग का विस्तार करने के लिए तत्पर हैं ताकि इंडो पैसिफिक में शांति और समृद्धि में योगदान दिया जा सके।’ इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने लिखा, आपके गर्मजोशी भरे संदेश के लिए धन्यवाद लाई चिंग-ते। मैं पारस्परिक रूप से लाभकारी आर्थिक और तकनीकी साझेदारी की दिशा में काम करते हुए और भी घनिष्ठ संबंधों की आशा करता हूं।

भारत-ताइवान की दोस्ती से तिलमिलाया चीन
पीएम मोदी के जवाब से चीन आगबबूला हो गया है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने गुरुवार को कहा, ‘चीन ने ताइवान के क्षेत्रीय नेता लाई चिंग-ते के एक्स पर दिए संदेश पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया के बारे में भारत के सामने विरोध दर्ज कराया है।’ बयान में आगे कहा गया कि ‘चीन ने हमेशा ताइवान के क्षेत्रीय अधिकारियों और चीन के साथ राजनयिक संबंध रखने वाले देशों के बीच किसी भी तरह की आधिकारिक बातचीत का दृढ़ता से विरोध किया है। दुनिया में केवल एक चीन है। भारत ने वन-चाइना सिद्धांत के संबंध में गंभीर राजनीतिक प्रतिबद्धताएं की हैं और उसे ताइवान के अधिकारियों की राजनीतिक योजनाओं के बारे में सतर्क रहना चाहिए और एक चीन का उल्लंघन करने वाली कार्रवाई से बचना चाहिए।’

क्या है चीन की ताइवान नीति?
ताइवान चीन को अपना हिस्सा मानता है। उसने ऐलान कर रखा है कि जरूरत पड़ी तो बलपूर्वक भी उस पर कब्जा करेगा। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग कह चुके हैं कि ताइवान के एकीकरण को अनिश्चितकाल के लिए नहीं टाला जा सकता है। दूसरी तरफ ताइवान एक लोकतांत्रित देश है। ताइवान में इन दिनों आजादी की मांग तेज हुई है। ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग ते की पार्टी ताइवान को एक स्वतंत्र देश मानती है, जिससे चीन भड़का रहता है। यहां यह जानना महत्वपूर्ण है कि अमेरिका समेत दुनिया के ज्यादातर देश वन चाइना पॉलिसी के तहत ताइवान को चीन का हिस्सा मानते हैं। भारत भी उनमें शामिल है। इसके बावजूद तमाम देशों ने ताइवान के साथ अनौपचारिक तौर पर करीबी संबंध बनाए रखे हैं।

Latest articles

मंत्री प्रहलाद पटेल का भेल हेवु भारतीय मजदूर संघ ने किया सम्मान

भोपाल। मध्यप्रदेश श्रम एव पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल का भेल हेवु भारतीय...

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव मजबूत कर रही सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित...

समन्वय और टीम वर्क से सुलझाएं जनता की समस्याएं, अंतिम छोर तक पहुंचाएं लाभ : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'लोक सेवा दिवस' के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय...

More like this

ट्रम्प बोले- इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर राजी, आज रात 2:30 बजे से लागू होगा

दोनों देशों से बात कर सहमति बनाई तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा...

इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता: लेबनान पर तकरार, तेहरान और अमेरिका अपनी शर्तों पर अड़े!

नई दिल्ली। लगभग छह हफ़्तों तक चले विनाशकारी संघर्ष के बाद अब पूरी दुनिया...