शिमला
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सुक्खू के शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के बड़े नेता पहुंचे। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी इस समारोह में शामिल हुए। इस दौरान हिमाचल कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान भी देखने को मिली। इसके बावजूद कांग्रेस नेता राहुल और प्रियंका गांधी ने हिमाचल कांग्रेस प्रमुख प्रतिभा सिंह को गले लगाकर उनका अभिवादन किया। कांग्रेस आलाकमान ने मंच पर यह दिखाने की पुरजोर कोशिश की कि कांग्रेस में सब कुछ ठीक है। हालांकि आने वाले समय कांग्रेस के लिए चुनौती भरा साबित होने वाला है।
कांग्रेस ने प्रतिभा सिंह को दिया वाजिब सम्मान
कांग्रेस की हिमाचल प्रदेश इकाई की प्रमुख प्रतिभा सिंह को उनके दिवंगत पति वीरभद्र सिंह के एक आलोचक ने भले ही मुख्यमंत्री पद की दौड़ में पछाड़ दिया हो, लेकिन पार्टी ने रविवार को यह तय किया कि रामपुर बुशहर के इस पूर्व शाही परिवार को वाजिब सम्मान मिले। मंडी से सांसद प्रतिभा सिंह जब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचीं, तब कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्हें गले लगाकर उनका अभिवादन किया।
राहुल गांधी ने प्रतिभा सिंह को दी झप्पी
सुखविंदर सिंह सुक्खू के शपथ ग्रहण समारोह में हिमाचल कांग्रेस की प्रमुख प्रतिभा सिंह मंच पर पहुंची तो वह प्रियंका गांधी के बगल में बैठी थीं क्योंकि पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि सब कुछ ठीक है और नेता एकजुट हैं। इसके बाद राहुल गांने प्रतिभा सिंह और उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। शपथ ग्रहण समारोह शुरू होने से पहले कांग्रेस नेताओं ने वीरभद्र सिंह को पुष्पांजलि अर्पित की। वीरभद्र सिंह छह बार मुख्यमंत्री रहे थे। पिछले साल उनका निधन हो गया था।
प्रियंका गांधी ने प्रतिभा सिंंह को गले लगाकर दिया मैसेज
हिमाचल कांग्रेस की प्रमुख प्रतिभा सिंह के साथ पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने फोटो खिंचवाई। इसके बाद प्रियंका गांधी ने भी उनके साथ तस्वीर ली। इसके साथ ही प्रियंका ने उन्हें गले भी लगाया। कांग्रेस आलाकमान ने मंच पर यह दिखाने की पुरजोर कोशिश की कि कांग्रेस में सब कुछ ठीक है। हालांकि आने वाले समय कांग्रेस के लिए चुनौती भरा साबित होने वाला है।
खुद को दरकिनार महसूस कर रहे वीरभद्र समर्थक
हिमाचल प्रदेश में नए नेतृत्व को लेकर निर्णायक कदम उठाने के बावजूद राज्य में कांग्रेस पार्टी के लिए अभी काम खत्म नहीं हुआ है क्योंकि उसके सामने गुटबाजी को दूर रखने और महत्वाकांक्षी चुनावी वादों को पूरा करने की दोहरी चुनौती है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री का रास्ता अभी कठिन है जिसमें पहली बाधा मंत्रिमंडल का गठन होगी। मंत्रिमंडल गठन के मामले में उन्हें पार्टी में प्रतिस्पर्धी समूहों के दबाव से निपटना होगा। पार्टी के लिए सबसे पहली मुश्किल विभागों का आवंटन होगा क्योंकि दिवंगत मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के समर्थक उनके कथित प्रतिद्वंद्वी सुक्खू को शीर्ष पद पर काबिज किये जाने के बाद पहले से ही खुद को दरकिनार महसूस कर रहे हैं। हो सकता है कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह ने शुरू में सही आवाज उठाई हो, लेकिन देखना यह होगा कि अपने खेमे को संतुष्ट करने के लिए वह क्या मोलभाव करती हैं।
कांग्रेस में गुटबाजी खत्म करने की कोशिश
इससे पहले, सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वीरभद्र सिंह के आवास ‘होली लॉज’ में गए और कहा कि शपथ ग्रहण समारोह का पहला निमंत्रण प्रतिभा सिंह को दिया गया था क्योंकि वह राज्य में कांग्रेस संगठन की नेता हैं। दरअसल, प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी खत्म करने की कोशिश की जा रही है और विक्रमादित्य सिंह को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है। शनिवार को सुक्खू को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुने जाने की घोषणा के बाद प्रतिभा सिंह के समर्थकों ने विरोध किया था।
‘वीरभद्र के परिवार को नहीं कर सकते नजरअंदाज’
प्रतिभा सिंह ने पहले कहा था कि वीरभद्र के परिवार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है और उनकी विरासत ने विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत में योगदान दिया है। हालांकि, शनिवार शाम को सुक्खू के नाम की आधिकारिक घोषणा के बाद मायूस दिख रहीं प्रतिभा सिंह ने कहा कि हम आलाकमान के फैसले को स्वीकार करते हैं।
सुक्खू के हिमाचल प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने पर जश्न
इस बीच, सुक्खू के हिमाचल प्रदेश का 15वां मुख्यमंत्री बनने पर हमीरपुर जिले में लोगों ने जश्न मनाया। सूचना-सह-जनसंपर्क विभाग ने गांधी चौक, हमीरपुर और इंदर पाल चौक, नादौन में एलईडी स्क्रीन लगाई थी, जहां सैकड़ों लोगों ने शपथ ग्रहण समारोह का सीधा प्रसारण देखा। लोगों ने पटाखे फोड़े, मिठाइयां बांटी तथा कांग्रेस और नए मुख्यमंत्री के समर्थन में नारे लगाए। भाबरन गांव में सुक्खू के घर पर भी लोगों ने खुशियां मनाईं। स्थानीय लोगों ने इस अवसर पर पारंपरिक गीत गाए और नृत्य किया।
