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टैक्स पर टैक्स… धोनी-कोहली के IPL मैच की टिकट वायरल, 2344 रुपये के लिए चुकाने पड़े 4000, क्यों मचा बवाल?

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नई दिल्ली

इस बार आईपीएल टिकट की वजह से चर्चा में आ गया है। चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच कल शुक्रवार को चेन्नई में मैच खेला गया था। इस मैच की टिकट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। इस टिकट में जिस प्रकार टैक्स लगा है, उस पर बवाल मच गया है। यूजर्स ने कहा है कि मैच देखने के लिए टैक्स पर टैक्स देना पड़ रहा है। हालांकि यह सब नियमों के मुताबिक ही है, लेकिन यूजर्स ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। वहीं कुछ एक्सपर्ट ने इस टिकट का पूरा गणित ही समझा दिया है।

सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इस मैच की टिकट शेयर की है। इसमें बताया गया है कि टिकट के लिए उन्हें 4000 रुपये चुकाने पड़े, जबकि इसका बेस प्राइस मात्र 2343.75 रुपये है। बेस प्राइस में एंटरटेनमेंट टैक्स भी जोड़ा गया है। फिर जो टोटल आया, उस पर जीएसटी लगाया गया है। यानी दर्शकों को टिकट के लिए एक टैक्स पर दूसरा टैक्स भी चुकाना पड़ा।

टिकट का ब्रेक-अप जानिए
टिकट का बेस प्राइस 2343.75 रुपये था। लेकिन दर्शकों को इसके लिए पूरे चार हजार रुपये चुकाने पड़े। 2343.75 से 4000 रुपये इस प्रकार हुए:
बेसिक प्राइस: 2343.75 रुपये
एंटरटेनमेंट टैक्स (25%): 781.25 रुपये
सबटोटल: 3125.00 रुपये
CGST (14%): 437.50 रुपये
SGST (14%): 437.50 रुपये
टोटल प्राइस: 4000 रुपये

कितना चुकाना पड़ा टैक्स?
इस टिकट के लिए दर्शकों को 1656.25 रुपये सिर्फ टैक्स के रूप में चुकाने पड़े। इसमें एंटरटेनमेंट टैक्स (25%) के रूप में 781.25 रुपये और जीएसटी (सबटोटल पर 28%) के रूप में 875 रुपये शामिल हैं।यहां पर जो 875 रुपये का जीएसटी है, वह टिकट के बेस प्राइस पर नहीं लगता। यह उस सबटोटल पर लगता है जिसमें पहले से ही एंटरटेनमेंट टैक्स जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि आप टैक्स के ऊपर भी टैक्स भर रहे हैं।

एक्सपर्ट ने बताई पूरी बात
इस टिकट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई यूजर्स ने शेयर किया है। इन्हीं में से एक efiletax नाम के यूजर ने इस टिकट का पूरा गणित समझाया है। efiletax ने अपने अकाउंट पर एक पोस्ट में लिखा है, ‘आप सिर्फ मैच देखने के लिए पैसे नहीं दे रहे हैं। आप एक ऐसी नीति को भी फंड कर रहे हैं जिसमें टैक्स में छूट मिलती है।’

efiletax ने अपनी पोस्ट में टैक्स पर टैक्स के बारे में बताया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा है कि जीएसटी बेस वैल्यू पर लगना चाहिए। लेकिन जब राज्य पहले एंटरटेनमेंट टैक्स लगाते हैं तो जीएसटी उस पर भी लग जाता है। उन्होंने इसे एक तरह की गड़बड़ बताया गया है।

दूसरे देशों से की तुलना
efiletax यूजर ने अपनी पोस्ट में दूसरे देशों में जीएसटी को लेकर भी जिक्र किया है। साथ ही उन्होंने कहा है कि भारत में टिकट पर लगने वाला जीएसटी सिर्फ क्रिकेट तक ही सीमित नहीं है। कॉन्सर्ट, स्टैंड-अप कॉमेडी शो, फेस्टिवल हर जगह यही कहानी है।
अमेरिका: कोई GST नहीं, कभी-कभी मनोरंजन टैक्स लगता है।
ब्रिटेन: 20% का फ्लैट VAT
इंडिया: एंटरटेनमेंट टैक्स + GST

सिस्टम पर उठाए सवाल
यूजर्स ने भारत में लगने वाले टैक्स सिस्टम पर सवाल उठाए हैं। efiletax ने लिखा है, ‘तो आपका ₹4,000 का टिकट? आप मैच के लिए भी पैसे दे रहे हैं और एक ऐसे टैक्स सिस्टम के लिए भी जो चुपचाप आपकी जेब ढीली कर रहा है। अगली बार कोई कहे कि GST ने टैक्स को आसान बना दिया है… तो बस उसे यह टिकट दिखा देना।’ वहीं रवि हांडा नाम के यूजर ने इसे TIL बताया है। उन्होंने लिखा है, ‘TIL- आईपीएल की टिकट पर टैक्स 70 फीसदी से ज्यादा है।’ वहीं कई यूजर्स का कहना है कि जब हम एक टैक्स दे रहे हैं तो उस टैक्स पर दूसरा टैक्स क्यों दें।

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