18.4 C
London
Monday, May 4, 2026
Homeराज्यशहादत के सम्मान को भेजा नहीं जाता, इसे लौटा रहे हैं... कूरियर...

शहादत के सम्मान को भेजा नहीं जाता, इसे लौटा रहे हैं… कूरियर से पहुंचा था शौर्य चक्र, माता-पिता नाराज

Published on

अहमदाबाद

शहर के निवासी शहीद लांस नायक के माता-पिता ने घर पर कोरियर के जरिए पहुंचाए गए शौर्य चक्र को लौटा दिया है। परिवार वालों का कहना है कि सम्मान को कभी भी कोरियर नहीं किया जा सकता, इसलिए हम इसे लौटा रहे हैं। शहीद के माता-पिता का कहना है कि हमारे बेटे ने देश के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी। हमारे बेटे की शहादत का यह सिला मिलेगा कि उसको मिलने वाले सम्मान को कोरियर किया जाएगा। परिवार वालों का कहना है कि हम इस बारे में राष्ट्रपति भवन की ओर रुख करेंगे, क्योंकि यह पूरी तरह से संस्कार के खिलाफ है। यह वह सम्मान है जिसे चुपचाप तरीके से कोरियर के जरिए घर नहीं पहुंचाया जाना चाहिए। क्योंकि यह देश के लिए दिया गया बलिदान है, इसलिए मिलने वाले सम्मान को देश के सामने ही दिया जाना चाहिए।

लांसनायक गोपाल सिंह साल 2017, फरवरी में कश्मीर ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए थे। जिसके बाद गोपाल सिंह के सेवा लाभ और पुरस्कार के लिए, भदौरिया और उनकी पत्नी जयश्रीबेन का शहीद बेटे की पत्नी हेमावती के साथ अनबन हो गई था। दरअसल साल 2011 में ही हेमावती और गोपाल सिंह से एक दूसरे से अलग हो गए थे, लेकिन तलाक की फाइनल कॉपी नहीं मिली थी। भदौरिया ने हेमवती को किसी भी सेवा लाभ के अनुदान पर आपत्ति जताई थी और शहर की एक सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसी के बाद शौर्य चक्र प्रदान करने पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद सितंबर, 2021 में, शहीद की पूर्व पत्नी और माता-पिता के बीच कोर्ट के जरिए एक समझौता करवाया गया।अदालत ने आदेश दिया कि केंद्र सरकार के अधिकारी गोपाल सिंह को मरणोपरांत वीरता पुरस्कार और माता-पिता को पुरस्कार से जुड़े सभी लाभ प्रदान किए जाएं।

सिटी सिविल कोर्ट ने फैसला सुनाया कि दोनों पक्षों को पेंशन और अनुग्रह भुगतान सहित सेवा लाभों का एक समान हिस्सा मिलता है। शहीद के माता पिता के मुताबिक, अदालत के आदेश के बाद उन्होंने 3 फरवरी को रक्षा अधिकारियों और मंत्रालय को सूचित किया कि राष्ट्रपति उन्हें स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस पर पुरस्कार दे सकते हैं। महानिदेशक सिग्नल ने भदौरिया को सूचित किया कि उनके मामले को 2022 में रक्षा अलंकरण समारोह के दौरान शामिल करने के अंतर्गत लाया गया था। जिसके बाद रक्षा मंत्रालय ने 5 जुलाई को स्पष्ट करते हुए कहा कि इसकी जिम्मेदारी महानिदेशक सिग्नल को सौंपी जाती है।

शहीद के माता पिता को को पदक और सम्मान प्रमाण पत्र देने के लिए एक समारोह आयोजित करने की बात कही गई। इस समारोह की अध्यक्षता सिग्नल ऑफिसर इन चीफ को करनी थी। शहीद के पिता भदौरिया से अनुरोध किया गया था कि वह अपनी उपलब्धता और इच्छा से अवगत कराएं, ताकि एक समारोह की व्यवस्था की जा सके। लेकिन शहीद के पिता का राष्ट्रपति से ही पदक प्राप्त करने पर जोर देते रहे।

शहीद के घर पर बीते सोमवार को मेडल और सर्टिफिकेट वाला पैकेज पहुंचा। माता-पिता का कहना है कि हमने इस पैकेज को बिना खोले ही इसे वापस कर दिया। उन्होंने हमारे सहयोगी टीओआई से बातचीत में कहा कि “मैं वास्तव में इस प्रक्रिया और वाकये से आहत हूं। माता-पिता का कहना है कि यह हमारे लिए महज पार्सल नहीं था। यह मेरा दिल से जुड़ा था, क्योंकि यह हमारे बच्चे की उपलब्धि थी। उन्होंने कहा कि “मैंने इसे पाने के लिए कड़ी मेहनत की है, जिसमें मेरा काफी खर्च भी हुआ है।

शहीद के पिता का कहना है कि मैं इसे कोई मुद्दा नहीं बनाना चाहता। लेकिन मैं सभी संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर अनुरोध करूंगा कि राष्ट्रपति के हाथों मेरे बेटे को मिलने वाला यह पदक मुझे सौंपा जाए। शहीद के पिता ने पिछले साल हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के एक फैसले का हवाला भी दिया। इसका जिक्र करते हुए शहीद के पिता भदौरिया ने कहा कि वीरता पदक केवल गणतंत्र दिवस या स्वतंत्रता दिवस समारोह में ही दिया जाना चाहिए। शहीद लांसनायक गोपाल सिंह को 26/11 मुंबई आतंकवादी हमलों के दौरान ताज होटल में संचालन भूमिका के लिए भी काफी तारीफ मिली थी। जिसको लेकर गोपाल सिंह को विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित भी किया गया था।

Latest articles

नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 2360 करोड़ की लागत के इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के पहले...

किसके सिर सजेगा ताज : पांच राज्यों की विधानसभा 823 सीटों के लिए आज होगी मतगणना

नई दिल्ली। देश के पांच बड़े चुनावी मोर्चों असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरलम और...

जबलपुर बरगी डैम हादसा: राजधानी में बरपा युवा कांग्रेस का कहर

पर्यटन मंत्री के बंगले पर '11 अर्थियाँ' लेकर पहुँचे कार्यकर्ता भोपाल। जबलपुर के बरगी डैम...

8 करोड़ की लागत से बेहतर होगा सड़क परिवहन : राज्यमंत्री गौर

मिसरोद और बरखेड़ा पठानी में क्रमश: 2 करोड़ 68 लाख और 2 करोड़ 70...

More like this

सीसी रोड की खराब गुणवत्ता पर सख्त हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी...

15 जून तक पूरे हों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जल स्वावलंबन अभियान के कार्य, पौधारोपण की तैयारी के निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 एवं जल संचय जन भागीदारी 2.0 की समीक्षा...

अहमदाबाद में ग्राम-2026 इन्वेस्टर मीट आयोजित, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निवेशकों को दिया राजस्थान में निवेश का आमंत्रण

अहमदाबाद। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अहमदाबाद में आयोजित ग्राम-2026 इन्वेस्टर मीट में...