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Tuesday, March 17, 2026
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सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी नहीं मोदी सरकार की है, फिर भी माफी के लिए अल्फाज नहीं…उमर अब्दुल्ला ने केंद्र पर ही साध लिया निशाना

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श्रीनगर

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद उत्पन्न स्थिति पर चर्चा के लिए विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया। इस विधानसभा सत्र में पहलगाम हमले पर बोलते है सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस हमले में पूरा देश चपेट में आया।उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों के प्रति श्रद्धांजलि दी। साथ ही उनकी आंखों में इस हमले को लेकर आंखों में आंसू दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि इस हमले में किसी ने अपना पिता खोया, किसी ने बेटा तो किसी ने भाई। मैंने सैलानियों को यहां आने की दावत दी थी। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी सवेदना है। इस बीच उन्होंने केंद्र पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी नहीं मोदी सरकार की थी। मैं सैलानियों से माफी मांगता हूं।

सैलानियों को सुरक्षित भेजना हमारी जिम्मेदारी थी
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हमने सैलानियों को यहां आने के लिए बुलाया था,मैं मृतकों के परिजनों से क्या कहकर माफी मांगूं। माफी मांगने के लिए हमारे पास अल्फाज नहीं हैं। उनको सुरक्षित भेजना हमारी जिम्मेदारी थी। उन बच्चों और पत्नियों को सांत्वना नहीं दे पाया। इस हमले ने हमें अंदर से खोखला कर दिया है। 26 साल में पहली बार मैंने लोगों को बाहर आते देखा था। शायद ही कोई शहर, कोई गांव इसके विरोध में बाहर नहीं आया हो। कोई कश्मीरी इसके साथ नहीं है। कश्मीरी हमले नहीं चाहते हैं।

इस हमले ने हमें अंदर के खोखला कर दिया
उन्होंने कहा कि हमारी पीड़ित परिवारों के साथ हमदर्दी है। इस आतंकी हमले में लोगों ने अपनों को खोया। जिन लोगों ने ये किया, कहने के लिए तो ये हमारी भलाई के लिए किया, लेकिन क्या ये हमारी इजाजत से हुआ? हम में से कोई इसके साथ नहीं है। इस हमले ने हमें अंदर के खोखला कर दिया। बहुत मुश्किल है इस हालात में वो रौशनी ढूंढ़ना, लेकिन पहली बार मैंने लोगों को इस हादसे से बाहर आते देखा है। उन्होंने आगे कहा कि लोग आज सड़क पर हैं, लोग पोस्टर, बैनर लिए खड़े हैं और लोग एकजुट हैं। हमारी तरफ से कोई ऐसा कदम नहीं उठना चाहिए, जो लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाए। हम बंदुक को जरिए मिलिटेंसी को खत्म नहीं कर सकते हैं, लेकिन कम जरूर कर सकते हैं।

आतंक के खात्मे की शुरुआत
सीएम अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीर की मस्जिदों में आतंकवाद के खिलाफ मौन रखा गया। कश्मीर में आतंक के खात्मे की शुरुआत है। पिछले 26 सालों में मैंने कभी लोगों को इस तरह के हमले के खिलाफ प्रदर्शन करते नहीं देखा हैं। पहलगाम हमले में लोगों ने अपनों को खोया है। बच्चों ने अपने पिता को खून में लिपटे हुए देखा है।

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