वॉशिंगटन
अमेरिका में चल रहे चुनाव के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगला राष्ट्रपति कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप में से कौन बनने जा रहा है। ज्यादातर सर्वे इसका जवाब देने में नाकाम रहे हैं। इस सबके बीच अमेरिकी लेखक और राजनीतिक पूर्वानुमानकर्ता एलन लिक्टमैन ने अपनी राय रखी है। यूएस के नास्त्रेदमस लिक्टमैन ने कहा है कि कमला हैरिस अपने प्रतिद्वन्द्वी डोनाल्ड ट्रंप पर भारी पड़ने जा रही हैं। दावा है कि उन्होंने बीते 40 साल से लगातार सही चुनावी भविष्यवाणी की है।
एनडीटीवी से एक बातचीत में लिक्टमैन ने पोलिंग डेटा की प्रासंगिकता को खारिज करते हुए कहा, ‘तमाम ओपिनियन पोल को आग के हवाले कर देना चाहिए। मैं कह रहा हूं कि हमारे पास कमला हैरिस होंगी। वह पहली महिला और अफ्रीकी-एशियाई मूल की पहली राष्ट्रपति बनने जा रही हैं। यह एक तरह से अमेरिका की दिशा का पूर्वाभास है। हम बहुसंख्यक अब अल्पसंख्यक में बदल रहे हैं। मेरे जैसे बूढ़े गोरे लोग तेजी से गिरावट की ओर हैं।’
कैसे लगाया है लिक्टमैन ने अनुमान?
लिक्टमैन का पूर्वानुमान मॉडल ऐतिहासिक पैटर्न पर केंद्रित है। साल 1981 में उन्होंने 13 ‘व्हाइट हाउस की चाबी” प्रणाली तैयार की थी। ये प्रणाली कहती है कि कैंपेन की रणनीति नहीं, बल्कि गवर्नेंस अमेरिकी चुनावों में ज्यादा अहम है। उनके इस मॉडल ने 1984 से लगातार यानी 40 साल से हर चुनाव के विजेता का सही पूर्वानुमान लगाया है। उनके कई निष्कर्ष लोकप्रिय भावना के उलट भी थे, जो सही साबित हुए।
लिक्टमैन कहते हैं, ‘साल 2016 में जब मैंने डोनाल्ड ट्रंप की जीत की भविष्यवाणी की। इसने मुझे वाशिंगटन डीसी में बहुत लोकप्रिय नहीं बनाया, जहां मैं अमेरिकी विश्वविद्यालय में पढ़ाता हूं। तब सभी सर्वेक्षण दूसरी दिशा में जा रहे थे। सर्वेक्षणों के सबसे प्रतिष्ठित प्रिंसटन यूनिवर्सिटी कंसोर्टियम ने हिलेरी क्लिंटन को जीतने का 99 प्रतिशत मौका दिया था।’
लिक्टमैन ने किया बड़ा दावा
उन्होंने आगे कहा कि मैं मतदाता जनसांख्यिकी पर अपना पूर्वानुमान आधारित नहीं करता। आप किसी चुनाव को अलग-अलग मतदाता समूहों में विभाजित करके सटीक भविष्यवाणी नहीं कर सकते। मैं इसमें चाय के प्याले के उदाहरण का उपयोग करता हूं। आप चाय में डाली चीनी के अलग-अलग अणुओं से नहीं सीखते, लेकिन मिठास जैसे सरल मापदंडों से सीख सकते हैं। यही वह कुंजी है, जिसके बारे में मुझे पता है।
लिक्टमैन ने ये भी कहा कि उनकी भविष्यवाणियां संभावनाओं से सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा ‘क्या मैं गलत हो सकता हूँ? बेशक, मैं एक इंसान हूं। कोई भी इंसान गलत हो सकता है। यह हमेशा संभव है और मेरे साथ भी ऐसा हो सकता है कि मैं गलत साबूत हो जाऊं। हालांकि अब तक ऐसा नहीं हुआ है।
