केपटाउन
भारत-साउथ अफ्रीका के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज के दूसरे मुकाबले का पहला दिन क्रिकेट इतिहास में हमेशा-हमेशा के लिए यादगार हो गया। साल 2024 के अपने पहले टेस्ट में भारतीय क्रिकेटर्स का प्रदर्शन हैरान करता है। मैच के पहले दिन दोनों टीमों के कुल 23 विकेट गिरे। यानी दोनों ही टीमें बारी-बारी ऑलआउट हो गई। टॉस हारकर टीम इंडिया ने पहले साउथ अफ्रीका को 55 रन पर समेटा तो इसके बाद खुद 153 रन पर आउट हो गई, जिससे उसने 98 रन की बढ़त हासिल की। अपनी दूसरी पारी में दिन का खेल खत्म होने तक साउथ अफ्रीका तीन विकेट के नुकसान पर 62 रन बना ली थी और भारत की लीड 36 रन ही रह गई है।
11 गेंद में गिरे आखिरी छह विकेट
भारत के चाय तक चार विकेट पर 111 रन थे, लेकिन चाय के बाद उसने 153 रन के स्कोर पर बाकी बचे छह विकेट गंवा दिए। 11 गेंदों के भीतर भारत ने अपने आखिरी छह विकेट गंवा दिए। 34वें ओवर में लुंगी एनगिडी ने मेडन के साथ तीन-तीन विकेट झटके। पहली गेंद पर केएल राहुल (8), तीसरी गेंद पर रविंद्र जडेजा (0) और फिर पांचवीं बॉल पर जसप्रीत बुमराह (0) का शिकार किया। भारत के लिए तीन बल्लेबाज ही दोहरे अंक तक पहुंचे, जिसमें विराट कोहली ने सर्वाधिक 46 रन बनाए। दक्षिण अफ्रीका के लिए कागिसो रबाडा, लुंगी एनगिडी और नांदरे बर्गर ने तीन तीन विकेट चटकाए।
खाता भी नहीं खोल पाए छह बल्लेबाज
भारतीय पारी की शुरुआत ठीक हुई थी। बीच-बीच में विकेट जरूर गिर रहे थे, लेकिन रनों की रफ्तार संतोषप्रद थी। मगर टी-सेशन के बाद तो अफ्रीकी गेंदबाजों का बवाल देखने को मिला। 153 रन पर पांचवां विकेट गिरा और फिर इसी स्कोर पर पूरी टीम ऑलआउट हो गई। यानी बिना एक भी रन बनाए टीम ताश के पत्तों की तरह ढह गई। आखिरी छह बल्लेबाज स्कोरबोर्ड पर कोई रन नहीं जोड़ पाए। टेस्ट इतिहास में ओवरऑल आठवीं तो भारतीय टीम के लिहाज से दूसरी बार ऐसा हुआ जब छह बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल पाए। इस मैच से पहले 2014 में इंग्लैंड के खिलाफ छह भारतीय बल्लेबाज 0 पर आउट हुए थे।
