नई दिल्ली
दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने निर्माण कंपनी लार्सन एंड टूब्रो (L&T) को प्रगति मैदान अंडरपास और भैरों मार्ग अंडरपास को लेकर नोटिस भेजा है। दिल्ली सरकार ने प्रगति मैदान टनल में खराब निर्माण और भैरों मार्ग अंडरपास को पूरा करने में देरी को लेकर ये नोटिस भेजा है। साथ ही, विभाग ने उस समय फ्लाईओवर डिवीजन के मुख्य अभियंता रहे प्रदीप कुमार परमार (फिलहाल गुवाहाटी में सीपीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता के रूप में कार्यरत) और कार्यकारी अभियंता इकबाल सिंह को भी नोटिस जारी किया है। इन नोटिसों में पूछा गया है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।
जून 2022 में शुरू होने के बाद से ही लीकेज और पानी भरने की समस्या से जूझ रहे दिल्ली के प्रगति मैदान टनल को कई बार बंद कर पानी निकालने और मरम्मत का काम किया जा चुका है। यह टनल मथुरा रोड और इंडिया गेट सी-हेक्सागोन को रिंग रोड से जोड़ती है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने L&T को कम से कम 500 करोड़ रुपये की राशि जमा करने और अनुबंध के अनुसार तुरंत मरम्मत और सुधार कार्य शुरू करने के लिए कहा है। हालांकि, L&T का कहना है कि उसने PWD के खिलाफ 500 करोड़ रुपये का काउंटर क्लेम किया है। कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘PWD दिल्ली, एक सम्मानित ग्राहक है और हम उनके साथ लंबे समय से जुड़े हुए हैं।
प्रगति मैदान के निर्माण में ही हैं कई खामियां
प्रगति मैदान सुरंग परियोजना के डिजाइन में बड़ी खामियां सामने आई हैं, जिन्हें अभी तक ठीक नहीं किया गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने निर्माण कंपनी L&T को भेजे नोटिस में कहा है कि गंभीर तकनीकी कमियों के कारण सरकार को परियोजना के प्रबंधन और संचालन में नुकसान उठाना पड़ा है। साथ ही, टनल और अंडरपास का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों के लिए यह मौजूदा स्थिति में संभावित खतरा बन गया है। यह परियोजना 777 करोड़ रुपये की लागत से बनी है, जिसका खर्च केंद्र सरकार ने उठाया था, लेकिन निर्माण की जिम्मेदारी दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) को दी गई थी। PWD ने इसके लिए L&T कंपनी को ठेका दिया था। सुरंग का नक्शा बनाने से लेकर इसे बनाने, बनाए रखने और मरम्मत करने की पूरी जिम्मेदारी L&T की थी। PWD ने L&T को भेजे नोटिस में कहा है कि इन परेशानियों का असर सिर्फ लोगों की सुरक्षा पर ही नहीं है, बल्कि दिल्ली और आसपास के इलाकों में आने-जाने वाले वाहनों के प्रबंधन और विकास पर भी पड़ेगा।
