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अजित दादा के विधायक छोड़ेंगे साथ? घर वापसी के लिए शरद पवार की शर्तें तय हुईं, ‘उन’ 4 नेताओं की नो एंट्री

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मुंबई:

लोकसभा चुनाव में 10 सीटों पर चुनाव लड़कर 8 सीटें जीतने वाली शरद पवार की पार्टी के हौसले बुलंद हैं। एनसीपी शरदचंद्र पवार ने अब विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। लोकसभा में अजित पवार के गुट को झटका और महायुति में अजित दादा के अलग-थलग पड़ने को देखते हुए उनके कई विधायक हटने की तैयारी में हैं। शरद पवार ने सांकेतिक बयान देते हुए कहा है कि वह सभी विधायकों की घर वापसी के विरोधी नहीं हैं।

शरद पवार का क्या है रुख?
जिनकी वापसी से पार्टी को फायदा होगा उनका स्वागत है। लेकिन शरद पवार ने यह स्टैंड ले लिया है कि वह उन लोगों को स्वीकार नहीं करेंगे जिनके आने से पार्टी को नुकसान हो सकता है। 10 साल पहले एनसीपी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुईं पूर्व केंद्रीय मंत्री सूर्यकांता पाटिल की घर वापसी हो गई है। अपने पार्टी प्रवेश कार्यक्रम में पवार ने घर वापसी पर अपना रुख स्पष्ट किया।

बागियों की वापसी का फैसला कब?
शरद पवार ने कहा कि जिन विधायकों ने अतीत में पार्टी को नुकसान पहुंचाया है। उन्हें वापस नहीं लिया जाएगा लेकिन जिन लोगों ने सिर्फ अपने लिए पार्टी का फायदा उठाया। उन्हें दोबारा पार्टी में जगह नहीं दी जाएगी। शरद पवार ने कहा कि पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों से चर्चा के बाद विधायकों और नेताओं की घर वापसी को लेकर फैसला लिया जाएगा। पवार ने इस बात की भी पुष्टि की कि कार्यकर्ताओं की राय पर गौर किया जाएगा।

अजित पवार गुट के कई विधायक चाहते हैं घर वापसी
शरद पवार का यह बयान तब अहम माना जा रहा है जब विधानसभा चुनाव कुछ ही महीने दूर हैं। अजित पवार गुट के कई विधायक घर वापसी चाहते हैं। सूत्रों ने जानकारी दी है कि इनमें से कई विधायक शरद पवार और उनकी पार्टी के नेताओं के संपर्क में हैं। घर वापसी की तैयारी कर रहे विधायकों को शरद पवार ने दो गुटों में बांट दिया है। वे दो समूहों में बंटे हुए हैं।

किन नेताओं की वापसी तय?
पवार समूह के एक नेता ने बताया कि एक वे जो पार्टी को मजबूत कर सकते हैं और दूसरे वे जिन्होंने अतीत में सत्ता का दुरुपयोग करके पार्टी को नुकसान पहुंचाया है। दूसरे समूह में वे नेता शामिल हैं जिन्होंने अजित पवार को पार्टी तोड़ने और बीजेपी में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। ये नेता खुद को केंद्रीय जांच एजेंसियों से बचाना चाहते थे और सत्ता भी चाहते थे।

किन नेताओं के दरवाजे बंद?
पवार समूह के एक नेता ने बताया कि दूसरे समूह में प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, धनंजय मुंडे, छगन भुजबल शामिल हैं। शरद पवार इन नेताओं को पार्टी में कभी स्वीकार नहीं करेंगे। लेकिन कई विधायकों को पार्टी में वापस लिया जा सकता है। शरद पवार के एक करीबी नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि शरद पवार की हरी झंडी मिलने के बाद वह घर लौट आएंगे।

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