Weight Gain Foods For Babies: अक्सर माता-पिता इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि उनका बच्चा बहुत ज्यादा दुबला-पतला है और कुछ भी खाने पर उसके शरीर को नहीं लग रहा। अगर बच्चा जन्म से ही कमजोर है या उसकी उम्र के हिसाब से वजन कम है, तो यह केवल दिखने की बात नहीं है, बल्कि इससे उसकी इम्यूनिटी (Immunity) भी कमजोर हो सकती है। कमजोर बच्चे जल्दी बीमार पड़ते हैं, उनकी लंबाई रुक सकती है और हड्डियों में दर्द जैसी शिकायतें रहने लगती हैं। मशहूर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र डांगर (Dr. Devendra Dangar) ने कमजोर बच्चों का वजन बढ़ाने के लिए 5 ऐसी ‘देसी’ और असरदार चीजों के बारे में बताया है, जिन्हें डाइट में शामिल करते ही बच्चे की सेहत में जादुई बदलाव दिखने लगेंगे।
पाचन में आसान और वजन बढ़ाने में नंबर-1
अगर आपका बच्चा कमजोर है, तो उसे हर रोज केला खिलाना शुरू करें। केले में भरपूर मात्रा में कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो बच्चे को तुरंत ताकत देते हैं। इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि यह आसानी से पच जाता है। आप इसे बच्चे को मैश करके, दूध के साथ ‘बनाना शेक’ बनाकर या सीधे तौर पर स्नैक्स के रूप में दे सकते हैं। यह न केवल वजन बढ़ाता है, बल्कि बच्चे के पेट को भी स्वस्थ रखता है।
हेल्दी फैट्स का सबसे बेहतरीन देसी स्रोत
भारतीय घरों में पुराने समय से ही बच्चों को घी खिलाने की परंपरा रही है। डॉ. डांगर के अनुसार, आप बच्चे की दाल, रोटी या खिचड़ी में 1 से 2 चम्मच देसी घी जरूर मिलाएं। घी खाने की कैलोरी वैल्यू को बढ़ा देता है और इसमें मौजूद ‘हेल्दी फैट्स’ बच्चे के शरीर के विकास में मदद करते हैं। यह हड्डियों को चिकनाहट देता है और दिमाग के विकास के लिए भी बहुत गुणकारी माना जाता है।
मसल्स बनाने और ग्रोथ के लिए ज़रूरी है अंडा
बढ़ते बच्चों के लिए अंडा एक ‘सुपरफूड’ है। इसमें उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन और विटामिन-डी होता है, जो बच्चों की मांसपेशियों (Muscles) और हड्डियों को मज़बूत बनाता है। अगर बच्चा रोज एक अंडा खाता है, तो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी बढ़ती है, जिससे वह बार-बार बीमार नहीं पड़ता। आप बच्चे को उबला हुआ अंडा या ऑमलेट बनाकर दे सकते हैं।
मेवे खिलाने का सही तरीका जानना है ज़रूरी
ड्राई फ्रूट्स (बादाम, अखरोट, काजू) और पीनट बटर में प्रोटीन के साथ-साथ हेल्दी फैट्स का भंडार होता है। यह बच्चे को ऊर्जा देता है और वजन बढ़ाने में मदद करता है। ध्यान रखें कि छोटे बच्चों को सीधे साबुत मेवे न दें क्योंकि उनके गले में फंसने का डर रहता है। मेवों को हमेशा भिगोकर या पीसकर पाउडर बनाकर दूध या दलिया में मिलाकर दें। पीनट बटर को आप रोटी या ब्रेड पर लगाकर दे सकते हैं।
प्रोबायोटिक्स और कैल्शियम का जबरदस्त मेल
बच्चों की डाइट में दही और पनीर जरूर शामिल करें। इनमें मौजूद कैल्शियम हड्डियों को फौलाद जैसा मज़बूत बनाता है। दही में ‘प्रोबायोटिक्स’ (अच्छे बैक्टीरिया) होते हैं, जो बच्चे के पाचन तंत्र को फिट रखते हैं। जब पेट ठीक रहेगा, तभी बच्चे को भूख लगेगी और खाया-पिया शरीर को लगेगा। पनीर के छोटे-छोटे टुकड़े या पनीर सैंडविच बच्चों को बहुत पसंद आते हैं और यह वजन बढ़ाने का स्वादिष्ट तरीका है।
