11.5 C
London
Wednesday, March 25, 2026
Homeराज्यनाक से खून...क्लास में उल्टी, स्कूलों में बेहोश होकर गिर रहे बच्चे,...

नाक से खून…क्लास में उल्टी, स्कूलों में बेहोश होकर गिर रहे बच्चे, तपती गर्मी में ‘तुगलकी’ फरमान का टेरर देखिए

Published on

बांका

बिहार में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। प्रदेश में मंगलवार को तो मौसम बेहद खराब रहा। औरंगाबाद का तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं कई जिलों का तापमान 45 डिग्री से ऊपर पहुंच गया है। भीषण गर्मी का असर स्कूल जाने वाले छात्रों और शिक्षकों पर पड़ रहा है। कई बच्चे बेहोश हो रहे हैं, जबकि कुछ को उल्टी और दस्त की शिकायत हो रही है। पिछले दो दिनों से अलग-अलग जगहों से लगातार ऐसी खबरें आ रही हैं।

गर्मी के कारण छात्रों की तबीयत खराब
बिहार के बांका में बुधवार को भीषण गर्मी के कारण कई छात्र और रसोइयों की तबीयत खराब हो गई। शंभूगंज के लालवामा यूएमएस में गर्मी के कारण एक रसोइया बेहोश हो गई। मध्य विद्यालय बैदपुर और मध्य विद्यालय मिर्जापुर में भी छात्रों की तबीयत बिगड़ गई। बांका सदर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय लीलागोड़ा में एक छात्रा बेहोश हो गई। एनपीएस ककना में गर्मी के कारण एक छात्र की नाक से खून बहने लगा। इसके अलावा बेलहर प्रखंड के अलग-अलग स्कूलों की दो छात्राएं बेहोश हो गईं, जिन्हें इलाज के लिए बेलहर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

बांका जिले के बौंसी में एलएनडी प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय में परीक्षा दे रही नौवीं कक्षा की दो छात्राओं ने पहले उल्टी की और फिर बेहोश हो गईं। स्कूल के शिक्षकों ने आनन-फानन में दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां दोनों का इलाज किया गया। ठीक होने के बाद दोनों परिजन के साथ अपने-अपने घर चली गई।

शेखपुरा और बेगूसराय में छात्र बेहोश
इसके अलावा शेखपुरा और बेगूसराय जिले के स्कूलों में गर्मी की वजह से छात्र बीमार पड़ गए। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शेखपुरा और बेगूसराय में छात्र स्कूल में ही बेहोश हो गए। मंगलवार को पटना समेत कई जिलों में गर्मी की वजह से छात्र बेहोश हो गए। गया जिले के आमस और बाराचट्टी में छात्राएं और शिक्षिकाएं दोनों बेहोश हो गईं। औरंगाबाद में भी स्कूलों में कई छात्रों की तबीयत बिगड़ गई थी।

शिक्षा विभाग को परवाह नहीं
वहीं, TET शिक्षक संघ अध्यक्ष अमित विक्रम ने कहा कि लू लगने की वजह से बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। लेकिन शिक्षा विभाग को कोई परवाह नहीं है। शिक्षा विभाग के पदाधिकारी के बच्चे तो सरकारी स्कूल में पढ़ते नहीं हैं। वहां पढ़ते हैं गरीबों के बच्चे। इनके नजर में उन गरीबों के बच्चों की जिंदगी की कोई कीमत नहीं है। यही कारण है कि इस प्रचंड गर्मी में भी सरकारी स्कूल खुले हैं और प्राइवेट स्कूलों में गर्मी की छुट्टी है!

Latest articles

कलेक्टर ने की जनसुनवाई में 150 आवेदनों पर सुनवाई, कई समस्याओं का मौके पर निराकरण

भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देशन में आयोजित जनसुनवाई में मंगलवार को जिलेभर से...

ऋण जमा करने की तिथि बढ़ाएं सरकार, वरना होगा उग्र आंदोलन: किसान कांग्रेस का अल्टीमेटम

भोपाल किसान कांग्रेस भोपाल ग्रामीण ने किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा...

जनता की सेवा और क्षेत्र का विकास ही हमारा मूलमंत्र — राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण (स्वतंत्र प्रभार) राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने मंगलवार को...

राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026 जारी, निवेश और रोजगार को मिलेगी नई दिशा

जयपुर। भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ‘‘राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026’’ जारी कर तकनीकी...

More like this

राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026 जारी, निवेश और रोजगार को मिलेगी नई दिशा

जयपुर। भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ‘‘राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026’’ जारी कर तकनीकी...

बीएचईएल हरिद्वार नाम किया रोशन,‘शौर्य’ गुणता चक्र को राष्ट्रीय स्तर पर मिला प्रथम स्थान

हरिद्वारभारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) हरिद्वार की हीप इकाई के अंतर्गत न्यू ब्लेड शॉप...

हर घर जल’ की दिशा में राजस्थान का ऐतिहासिक कदम, JJM 2.0 में एमओयू करने वाला देश का पहला राज्य बना

जयपुर । प्रदेश ने ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को नई गति देते हुए एक...