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भेल ज्वाइंट कमेटी की बैठक में गरमाया बोनस का मुद्दा, प्रबंधन ने कहा 5000 देंगे यूनियनों ने नकारा

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भोपाल

भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड भेल ज्वाइंट कमेटी की बैठक दिल्ली में आयोजित की गई जिसमें भोपाल सहित अन्य यूनिटों के प्रतिनिधि भी शामिल हुये । बैठक भेल के स्टे्रजिक प्लान 2022-27 को लेकर बुलाई गई थी लेकिन सैंट्रल यूनियन प्रतिनिधियों ने भेल के सीएमडी व डायरेक्टर एचआर के सामने कर्मचारियों की मांगों को लेकर जोरदार बहस छेड़ दी । हंंगामेदार रही इस बैठक में कॉरपोरेट प्रबंधन ने पीपी व एसआईपी बोनस सिर्फ पांच हजार देने की घोषणा कर डाली वह भी अप्रैल 2023 में.

इससे नाराज प्रतिनिधियों ने इसे अपमान समझते हुये नकार दिया लिहाजा बैठक टांय-टांय फिस हो गई नतीजा फिर अप्रैल तक टल गया अब इसका फैसला अगली बैठक मेें होगा इधर कर्मचारी इंसेंटिव, पीपी और एसआईपी मिलने की उम्मीद लगाये बैठे थे । इधर एचएमएस के महासचिव अमर सिंह राठौर का कहना है कि बैठक के बहिष्कार की घोषणा करने के बाद कर्मचारियों के मुद्दे पर सुनवाई तो हुई लेकिन कम बोनस मिलने की घोषणा के बाद यूनियन ने इंकार कर दिया । उन्होंने यह कर्मचारियों का अपमान बताया ।

दूसरी और बीएमएस के अध्यक्ष वीएस कठैत ने बताया कि प्रबंधन का कर्मचारी विरोधी रवैया बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्हें सम्मान जनक बोनस दिया जाये । बैठक में भेल के चेयरमेन डॉ. नलिन सिंघल,डायरेक्टर एचआर उपिन्द्र सिंह मठारू और ईडी एचआर एम ईशादोर सहित बीएमएस, ऐबू, एचएमएस, सीटू व अन्य यूनियन के आमंत्रित सदस्य मौजूद थे । इस बैठक में स्टे्रजिक प्लान 2022-27 भी बताया गया ।

थ्रिफ्ट सोसायटी की बैठक भी रही हंगामेदार
मंगलवार को बीइचईई थ्रिफ्ट एंड के्रडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी की बैठक पिपलानी स्थित बचत भवन में आयोजित की गई । बैठक में घोषणा की गई की संस्था की आम सभा 18 दिसंबर को होगी । साथ ही अन्तिम लाभांश 13 फीसदी बाटने की अनुसंशा भी की गई वहीं एफडी व आरडी पर आकर्षक ब्याज दरें 1 दिसंबर 2022 से लागू करने पर सहमति बन गई है । संस्था में श्रीमती निशा वर्मा को अधिकारिक रूप से सचिव नियुक्त किया गया । खास बात यह है कि बैठक में काफी तीखी बहस भी देखने को मिली संस्था के डायरेक्टर कमलेश नागपुरे का कहना है कि चुने हुये डायरेक्टरों को बैलेंंस शीट नहीं दी जा रही है जिससे की आय-व्यय का लेखा जोखा मिल सके साथ ही मिनिटस भी दर्ज नहीं किये जा रह हैं । इसको लेकर काफी बहस हुई । संस्था के एक वरिष्ठ पदाधिकारी गलत नीति अपना रहे हैं इसको लेकर उच्चस्तरीय शिकायत की जायेगी ।

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