16.4 C
London
Sunday, April 19, 2026
Homeभोपालमध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता होगी लागू, CM शिवराज का बड़ा...

मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता होगी लागू, CM शिवराज का बड़ा ऐलान

Published on

भोपाल,

मध्यप्रदेश में “एक समान नागरिक संहिता” लागू करने शिवराज सरकार कमेटी बनाएगी. इस बाबत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि भारत में अब एक समान नागरिक संहिता लागू होनी चाहिए. बड़वानी के सेंधवा में मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि कई बार बड़े खेल हो जाते हैं. खुद जमीन नहीं ले सकते तो किसी आदिवासी के नाम से जमीन ले ली जाती है. कई बदमाश ऐसे भी आ गए हैं जो आदिवासी बेटी से शादी करके जमीन उसके नाम से ले लेते हैं.

बड़वानी के सेंधवा पहुंचे शिवराज सिंह ने कहा कि आज मैं जागरण की अलख जगाने आया हूं. बेटी से शादी की और जमीन ले ली. मैं तो इस बात का पक्षधर हूं कि भारत में अब समय आ गया है कि एक समान नागरिक संहिता लागू होनी चाहिए. एक से ज्यादा शादी क्यों करें? कोई एक देश में दो विधान क्यों चले? नियम एक ही होना चाहिए. उन्होंने ऐलान करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में भी मैं कमेटी बना रहा हूं. समान नागरिक संहिता में एक पत्नी रखने का अधिकार है तो एक ही पत्नी सबके लिए होनी चाहिए.

CM शिवराज का ऑन-द-स्पॉट एक्शन
मध्य प्रदेश में “पेसा एक्ट” की जागरूकता के मकसद से शुरु की गई जनजातीय गौरव यात्रा के दौरान सीएम शिवराज का लापरवाह अफ़सर पर ऑन द स्पॉट एक्शन देखने मिला. सीएम बड़वानी जिले के सेंधवा के ग्राम चाचरिया पहुंचे थे. सीएम ने मंच से सेंधवा जनपद पंचायत के सीईओ राजेन्द्र दीक्षित को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने का एलान कर दिया. सीएम ने कहा कि कई शिकायतें मिल रही थीं, इसलिए CEO को सस्पेंड किया जाता है, क्योंकि जनता का हक़ किसी को भी नहीं खाने देंगे.

गुजरात और उत्तराखंड में हो चुकी है घोषणा
बता दें कि इससे पहले गुजरात में भी अक्टूबर माह में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए कमेटी के गठन का ऐलान किया गया था. इसे गुजरात चुनाव से जोड़कर भी देखा गया था. वहीं उत्तराखंड में भी चुनाव से समान नागरिक संहिता करने की घोषणा की गई थी. सरकार बनने के बाद इसे लागू किया गया था.

क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड
कानून की नजर में सब एक समान होते हैं. जाति हो या धर्म. आप पुरुष हों या महिला, कानून सबके लिए बराबर है. शादी, तलाक, एडॉप्शन, उत्तराधिकार, विरासत. लेकिन सबसे बढ़कर लैंगिक समानता वो कारण है, जिस वजह से यूनिफार्म सिविल कोड की आवश्यकता महसूस की जाती रही है. यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का मतलब है विवाह, तलाक, बच्चा गोद लेना और संपत्ति के बंटवारे जैसे विषयों में सभी नागरिकों के लिए एक जैसे नियम. इसका अर्थ है- भारत में रहने वाले हर नागरिक के लिए एक समान कानून होना, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का क्यों ना हो. समान नागरिक संहिता जिस राज्य में लागू की जाएगी- वहां, शादी, तलाक और जमीन-जायदाद के बंटवारे में सभी धर्मों के लिए एक ही कानून लागू होगा.

Latest articles

महिला आरक्षण बिल पास नहीं हुआ, PM बोले- माफी मांगता हूं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम...

छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी को 50 लाख की प्रोत्साहन राशि, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया सम्मानित

रायपुर। भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक दिलाने वाली छत्तीसगढ़...

राजस्थान की बेटियां हर क्षेत्र में बना रही हैं अपनी विशिष्ट पहचान : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश की छात्राओं के साथ वर्चुअल संवाद के माध्यम...

77वें राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की शिरकत

जयपुर। राजस्थान पुलिस के 77वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह...

More like this

मिनाल रेसीडेंसी की गैस एजेंसी में बड़ा फर्जीवाड़ा: बिना डिलीवरी उपभोक्ताओं को भेजे मैसेज

भोपाल। जेके रोड स्थित मिनाल रेसीडेंसी की 'फिनिक्स गैस एजेंसी' (एचपी) में स्टॉक हेरफेर...

छोटे तालाब में डूबने से 15 वर्षीय किशोर की मौत, 24 घंटे बाद बरामद हुआ शव

भोपाल। राजधानी के तलैया थाना क्षेत्र स्थित छोटे तालाब में शुक्रवार को नहाने गया...

बैरसिया के बेटे ने किया नाम रोशन, बन गए डॉक्टर, मिली एमबीबीएस की डिग्री

भोपाल। बैरसिया जिला भोपाल के रामचन्द्र मनावत के पोते और अजय मनावत के पुत्र...