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Wednesday, June 10, 2026
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ट्रैक्शन मोटर विभाग में 20 करोड़ के टेंडर में बीएचईएल को 5 करोड़ का नुकसान

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भोपाल।

बीएचईएल के कुछ अफसरों की जितनी तारीफ की जाए कम है। कुछ सप्लायरों को फायदा पहुंचाने के लिए मिलीभगत के तहत 20 करोड़ का एक टेंडर निकाला गया इसमें करीब पांच करोड़ का नुकसान बीएचईएल को हो सकता है। यही काम छह माह पहले जिस कंपनी को दिया था उसकी दर काफी कम थी जबकि दो माह पहले निकाले गए टेंडर में इसकी दर काफी ज्यादा है। इस मामले में विभागीय अधिकारियों पर शक की ऊं गली उठ रही हैं।

सूत्रों की मानें तो 14 मार्च 2023 को ट्रैक्शन मोटर विभाग मेें एक निविदा क्रं. ई-51232220 निकाली थी। जिसे 16 मार्च 2023 को खोली गई थी। फिलहाल यह रेट अप्रूवल के लिए विभाग के पास पड़ी हुई है। सूत्र बताते हैं कि विभागों 6 एफआरए एसोसिएट बेयरिंग कंपोनेंट संख्या 2000 खरीदने की निविदा जारी की थी। इस आइटम का बाजार में कीमत 76 हजार पर सेट बताई जा रही हैं। लेकिन निविदा खुलने के बाद इस सेट की कीमत एक लाख से ज्यादा आंकी गई।

इस निविदा में 7 कंपनियों ने भाग लिया था जिसमें से 3 कंपनियों को तकनीकी खामियां होने के कारण निविदा से बाहर कर दिया गया था। सिर्फ चार कंपनियों ने इसमें भाग लिया। इनमें से भी इंदौर पीथमपुर की दो कंपनियों को काम दिया गया है। हालांकि भेल की मानें तो यह सारा काम निविदा के अनुसार कम दर वाले को काम दिया गया है। इधर सूत्र बताते हैं कि जिन दो कंपनियों को हाल ही में निविदा खुलने के बाद काम दिया गया है इन्हीं कंपनियों ने 6-7 माह पहले इस काम को 76 हजार में ही पर आईटम किया था। 6 माह बाद इसकी कीमत एक लाख से ज्यादा होना किसी के गले की नहीं उतर रहीं। यह काम सेटिंग से हुआ या नहीं यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा।

यदि 6 माह पुरानी दर पर काम दिया जाता 15 करोड़ में हो सकता था। साफ जाहिर है कि कहीं न कहीं विभागीय अधिकरियों की लापरवाही कहें या मिलीभगत के चलते बीएचईएल जैसी महारत्ना कंपनी को पांच करोड़ का नुकसान उठाना पड़ रहा है। वैसे भी विभाग में यह कहा जा रहा है कि 6एफआरए एसोसिएट बेयरिंग कंपोनेंट के सप्लाई का काम इन दो कंपनियों को ही दिया जा रहा है। इस मेहरबानी का कारण जो भी हो लेकिन बीएचईएल को नुकसान होना विभाग के कुछ ईमानदार अफसरों को नागवार गुजर रहा है। इसकी जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि आखिर ऊंची दर पर निविदा के माध्यम से खरीदी क्यों की जा रही हैं। क्या विभागीय अफसरों को इस मामले में को समझने की थोड़ी भी जरूरत नहीं समझी।

इनका कहना है-
चितरंजन लोकोमोटिव वक्र्स के वेंडर की लिस्ट के मुताबिक निविदा बुलाई गई थी। बीएचईएल इन्हीं सप्लायरों से सामान खरीदता है। निविदा अनुसार ही दर निर्धारित हुई है जिसमें कोई भी हेराफेरी की संभावना नहीं है। इसका जल्द ही रेट अप्रूवल होगा।
विनोदानंद झा
अपर महाप्रबंधक प्रचार व जनसंपर्क विभाग बीचईएल

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