9.3 C
London
Saturday, May 9, 2026
Homeराज्यज्ञानवापी कैंपस का होगा एएसआई सर्वे? वाराणसी कोर्ट ने याचिका मंजूर की

ज्ञानवापी कैंपस का होगा एएसआई सर्वे? वाराणसी कोर्ट ने याचिका मंजूर की

Published on

वाराणसी

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी मंदिर परिसर के एएसआई सर्वे की याचिका को जिला कोर्ट ने मंजूर कर लिया। कोर्ट की ओर से याचिका मंजूर किए जाने के बाद हिंदू पक्षकार की ओर से सर्वे से संबंधित दावेदारी की गई है। ज्ञानवापी कैंपस की एएसआई जांच को मंजूरी दिए जाने की बात कही है। हिंदू पक्षकार की ओर से दी गई याचिका को स्वीकार करते हुए वाराणसी जिला कोर्ट ने 22 मई को अगली सुनवाई का आदेश दिया है। वकील विष्णु जैन की ओर से दायर याचिका में पूरे परिसर आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया से सर्वे कराने की मांग की गई। हिंदू पक्षकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 22 तारीख को अगली सुनवाई की तिथि तय की है। वहीं, मुस्लिम पक्षकारों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। मुस्लिम पक्षकारों की ओर से 19 मई को याचिका दायर की जाएगी। इसमें एएसआई सर्वे का विरोध किए जाने की बात कही गई।

पूरे ज्ञानवापी परिसर के सर्वे की मांग
वाराणसी कोर्ट में ज्ञानवापी परिसर के सर्वे की मांग से संबंधित याचिका दायर की गई। हिंदूवादी महिलाओं और वकील विष्णु जैन की ओर से जिला अदालत में पूरे परिसर की एएसआई से सर्वे कराने की मांग की गई है। इस याचिका में मांग की गई है कि पूरे परिसर का सर्वे हो। कोर्ट का यह फैसला ज्ञानवापी परिसर के एडवोकेट कमिश्नर सर्वे के दौरान ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में मिले शिवलिंग के ठीक एक साल बाद आया है। 16 मई 2022 को ज्ञानवापी परिसर के एडवोकेट कमिश्नर सर्वे के दौरान ज्ञानवापी परिसर में कथित शिवलिंग मिला था।हिंदू पक्षकारों का दावा है कि इस शिवलिंग के नीचे असली आदि विश्वनाथ का शिवलिंग विराजमान है। अगर कोर्ट सर्वे का आदेश देती है तो निश्चित तौर पर इस पूरे परिसर का सर्वे होगा। इससे कई चीजों के सामने आने की बात कही जा रही है।

वकील विष्णु जैन ने दी जानकारी
वाराणसी कोर्ट में याचिका मंजूर होने को लेकर वकील विष्णु जैन ने कोर्ट में चली प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने संपूर्ण ज्ञानवापी परिसर के एएसआई सर्वे की याचिका को मंजूर कर लिया है। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने हमारी याचिका को स्वीकार करते हुए एएसआई सर्वे की बात कही है। इस संबंध में मुस्लिम पक्षकारों को अपना पक्ष रखने के लिए 19 तारीख तक का समय दिया गया है। 19 मई को मुस्लिम पक्षकार की ओर से आपत्ति दर्ज कराए जाने के बाद 22 मई को कोर्ट की अगली सुनवाई में इस पर अहम निर्णय आ सकता है। विष्णु जैन ने कहा कि हमारा केस बहुत मजबूत है।

वकील ने कहा कि नियमों के अनुसार, किसी भी केस में कोर्ट वैज्ञानिक अप्रूवल को मंजूरी दी जाती है। एविडेंस एक्ट भी साइंटिफिक एविडेंस की बात करता है। उन्होंने कहा कि बिना आधिकारिक एविडेंस के इस केस का फैसला नहीं हो सकता है। इस केस में एएसआई की जांच बहुत महत्वपूर्ण है। एएसआई जांच से इस परिसर का सही कैरेक्टर सामने आएगा। इसलिए हमने कोर्ट से एएसआई जांच की मांग की है।

Latest articles

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने की विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा

भोपाल। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर सीहोर स्थित कलेक्ट्रेट...

बीएचईएल में पांच दिवसीय पूर्ण अनुवाद प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन

भोपाल। महाप्रबंधक (मानव संसाधन) टी. यू. सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को संपन्न हुआ।...

बीएचईएल में 4 वर्ष बाद होने वाले संयुक्त समिति चुनाव को लेकर एआईबीईयू ने कॉर्पोरेट प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन

भोपाल। बीएचईएल भोपाल में 4 वर्ष बाद होने वाले संयुक्त समिति (जॉइंट कमेटी), प्लांट...

बीएचईएल में AGM से GM पदोन्नति हेतु इंटरव्यू

भोपाल। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) में वर्ष 2026 की पदोन्नति प्रक्रिया के अंतर्गत...

More like this

CM भगवंत मान ने जालंधर-अमृतसर धमाकों को साज़िश बताया, BJP पर आरोप लगाया

नई दिल्ली। पंजाब के कई इलाकों में जालंधर और अमृतसर में सीमा सुरक्षा बल...

विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में गिरा, 16 जिलों का आवागमन प्रभावित

भागलपुर। बिहार के भागलपुर में स्थित 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा...

सीसी रोड की खराब गुणवत्ता पर सख्त हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी...