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प्रियंका गांधी की नाराजगी से ठिठके इमरान मसूद के कांग्रेस की तरफ बढ़ते कदम? RLD में हो सकती है एंट्री

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मेरठ

बहुजन समाज पार्टी के निकाले जाने के बाद वेस्ट यूपी के चर्चित सियासी मुस्लिम चेहरे इमरान मसूद के नए सियासी ठिकाने को लेकर कयासबाजी जारी है। कांग्रेस में घर वापसी के कयास के बीच एक खबर यह भी गरम है कि पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की नाराजगी के चलते इमरान मसूद के कांग्रेस की तरफ बढ़ते कदम ठिठक गए हैं। अब इमरान का नया सियासी ठिकाना क्या होगा, इस पर उनका कहना है कि 10 सितंबर को जनता की अदालत में यह तय होगा। हालांकि राजनीतिक हलकों में राष्ट्रीय लोकदल में एंट्री के संकेत ज्यादा मिलते दिख रहे हैं।

इमरान मसूद वेस्ट यूपी में बड़ा सियासी चेहरा माना जाता है। उनका काजी परिवार वेस्ट यूपी की सियासत को प्रभावित करने वाला पहले से रहा है। इमरान कांग्रेस, सपा, बसपा में रहकर सियासत कर चुके हैं। फिलहाल वह नए सियासी ठिकाने की तलाश में हैं। अभी तक कयास लगाए जा रहे थे कि जल्द ही उनकी कांग्रेस में घर वापसी हो जाएगी, लेकिन कांग्रेस के सहारनपुर संगठन ने साफ कर दिया है कि अभी तक औपचारिक कोई बात नहीं हुई है। संगठन की तरफ से संकेत ये भी दिए जा रहे हैं कि पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की नाराजगी इमरान की एंट्री को रोक सकती है क्योंकि जब इमरान कांग्रेस में थे, वह प्रियंका के पसंदीदा नेता थे।

प्रियंका ने ही सहारनपुर लोकसभा सीट से इमरान को चुनाव लड़वाया। राष्ट्रीय सचिव बनवाया। दिल्ली प्रदेश का सह प्रभारी का जिम्मा दिलाया। वेस्ट यूपी में उनकी सियासी सलाह को तरजीह दी लेकिन प्रियंका इमरान से तब खफा हो गईं जब एकाएक इमरान ने 2022 में पार्टी को साथ छोड़कर सपा का दामन थाम लिया था। इसलिए माना जा रहा है कि प्रियंका की यह नाराजगी इमरान को अब घर वापसी में भारी पड़ सकती है। सहारनपुर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुजफ्फर अली कह चुके हैं कि प्रियंका गांधी इमरान मसूद से खफा हैं।

हालांकि इमरान मसूद के बारे में कहा जाता है कि वह सियासी चाल बहुत सोचकर चलते हैं। चर्चा यह भी है कि राष्ट्रीय लोकदल के जरिए इमरान इंडिया गठबंधन का हिस्सा बनकर कैराना लोकसभा सीट से 2024 में ताल ठोक सकते हैं। रालोद भी इमरान को लेकर मुस्लिमों को तरजीह देने का संदेश दे सकता है। इस बीच कई बार इमरान और रालोद नेताओं की वार्ता की खबर सामने आती रही है। इमरान इस बात को स्वीकार भी चुके हैं कि रालोद ने उनके संपर्क साधा है। रालोद ने भी अभी तक जयंत और इमरान की मुलाकात या अन्य नेताओं की मुलाकात का कोई खंडन नहीं किया है।

अब इमरान मसूद का कहना है कि 10 सितंबर को सहारनपुर में होने वाली समर्थकों की पंचायत में तय होगा कि अगला सियासी कदम क्या रहेगा, सब जनता तय करेगी। उनकी अदालत में जो फैसला होगा वह मान्य होगा। साथ ही कहते हैं कि लोकसभा का चुनाव जरूर लड़ेंगे। रालोद के राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर राजकुमार सांगवान का कहना है कि पार्टी अध्यक्ष ही इस बारे में कोई फैसला लेंगे। सूत्रों के मुताबिक जयंत चौधरी ने वेस्ट यूपी के नेताओं की एक खास मीटिंग 11 सितंबर को बुलाई है, जिसमें इमरान को लेकर भी राय मशवरा संभव है

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