कतर से भारतीयों की रिहाई पर गदगद हुए पाकिस्‍तानी एक्‍सपर्ट, सदमें में कतर सरकार

इस्‍लामाबाद:

कतर की जेल में पिछले 18 महीने से बंद 8 पूर्व भारतीय नौसैनिक आखिरकार रिहा हो गए हैं। इस रिहाई के बाद दुनियाभर में भारतीय कूटनीति की तारीफ हो रही है। इन भारतीयों को न केवल जेल में रखा गया था, बल्कि उनको फांसी की सजा भी हुई थी। इस रिहाई के बाद पाकिस्‍तान की सरकार को सांप सूंघ गया है। इससे पहले पूर्व भारतीय नौसैनिकों का हवाला देकर पाकिस्‍तान की सरकार ने भारत के खिलाफ कई बेबुनियाद आरोप लगाए थे। इस बीच भारत की इस कूटनीतिक सफलता पर पाकिस्‍तानी खुश हो गए हैं। पाकिस्‍तानी एक्‍सपर्ट कमर चीमा ने तो यहां तक कह दिया कि यह पीएम मोदी का जादू है जो कतर में चल गया है।

कमर चीमा ने कहा कि पूर्व भारतीय नौसैनिकों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे, इसके बाद भी उन्‍हें रिहा कर दिया। उन्‍होंने कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि नरेंद्र मोदी हैं तो सबकुछ संभव है। भारतीय पीएम ने कतर के अमीर से मुलाकात की थी। भारत और कतर के बीच व्‍यापार करीब 19 अरब डॉलर का है। भारत 17 अरब डॉलर का आयात करता है, वहीं कतर को 2 अरब डॉलर का निर्यात करता है। कतर भारत को गैस लेकर पेट्रो केमिकल तक निर्यात करता है जिससे वह नई दिल्‍ली पर काफी निर्भर है। यह भारत के लिए काफी फायदेमंद रहा। उन्‍होंने कहा कि पीएम मोदी ने चुनाव से ठीक पहले बहुत बड़ी राजनयिक जीत हासिल की है।

‘मोदी के पर्सनल टच से संभव हुई रिहाई’
पाकिस्‍तानी एक्‍सपर्ट ने कहा कि कतर ने मौत की सजा सुनाने के बाद उन्‍हें छोड़ दिया है और पीएम मोदी ने उनकी जान बचा लिया है। भारत कतर और उसकी सेना को समझाने में सफल रहा। इसी वजह से पूर्व भारतीय नौसैनिकों की रिहाई संभव हुई। उन्‍होंने कहा कि कतर ने भारत को राजनयिक और राजनीतिक दोनों ही स्‍तर पर सुना और भारतीयों की रिहाई हुई। कमर चीमा ने कहा कि पीएम मोदी का पर्सनल टच जो है, उसी की वजह से कतर के अमीर से मुलाकात के बाद यह संभव हुआ। उन्‍होंने कहा कि भारत की सरकार खुद इस पूरे मामले को संभाला और इसके बाद मौत की सजा को बदला गया। अब रिहाई हो गई है।

कमर चीमा ने कहा कि भारतीय नेतृत्‍व ने बार-बार कतर के नेतृत्‍व से यह मुद्दा बार-बार उठाया। कतर के रिश्‍ते यूएई और सऊदी अरब के साथ अच्‍छे नहीं है। कतर को भारत की भी बड़ी जरूरत है। भारत और कतर के रिश्‍ते अब और मजबूत होंगे। भारत कतर से अब साल 2048 तक एलएनजी खरीद सकेगा। इससे पहले भारत को एक बड़ी राजनयिक जीत मिली। कतर की जेल में बंद भारत के पूर्व नौसैनिकों को रिहाई मिल गई है। इन 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों को 18 महीने बाद कतर की जेल से रिहा किया गया है। अभी कुछ महीने पहले ही इन पूर्व नौसैनिकों को मौत की सजा सुनाई गई थी। भारत सरकार के प्रयासों के बाद इनकी सजा ‘कैद’ में तब्दील की गई और अब इन्हें रिहा कर दिया गया है। इस संबंध में विदेश मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया कि इन 8 में से 7 भारत लौट चुके हैं। गौरतलब है कि इससे पहले भारत सरकार के प्रयासों के चलते ही इसी वर्ष जनवरी में इन पूर्व नौसैनिकों की मौत की सज़ा को अलग-अलग अवधि को करावास में बदल दिया गया था।

भारत ने कतर के कदम की जमकर तारीफ की
विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, ‘भारत सरकार इन आठ भारतीय नागरिकों की रिहाई का स्वागत करती है जो दाहरा ग्लोबल कंपनी के लिए काम कर रहे थे और जो क़तर में हिरासत में थे। आठ में से सात लोग भारत लौट चुके हैं। इन नागरिकों की रिहाई और घर वापसी को लेकर कतर के अमीर द्वारा लिए गए फ़ैसले का हम स्वागत करते हैं।’ गौरतलब है कि यह सभी आठ भारतीय कतर में एक निजी सुरक्षा कंपनी अल दहरा के कर्मचारी थे। इनको कथित तौर पर जासूसी के आरोप में कतर ने 26 अक्टूबर को मौत की सजा सुनाई थी। तब नौसेना प्रमुख ने कहा था कि केंद्र सरकार आठों कर्मियों की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

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