14.4 C
London
Tuesday, April 14, 2026
Homeराष्ट्रीयबाबूजी जरा धीरे चलो... दुनिया के सुस्त ट्रैफिक के टॉप 5 में...

बाबूजी जरा धीरे चलो… दुनिया के सुस्त ट्रैफिक के टॉप 5 में भारत के चार शहर, जानिए अपने शहर का हाल

Published on

बेंगलुरु:

बेंगलुरु का ट्रैफिक एक बार फिर से सुर्खियों में है। टॉमटॉम ट्रैफिक इंडेक्स 2024 के मुताबिक, बेंगलुरु दुनिया का तीसरा सबसे धीमा ट्रैफिक वाला शहर है। यहां 10 किलोमीटर की दूरी तय करने में औसतन 34 मिनट 10 सेकंड लगते हैं। यह 2023 के मुकाबले 50 सेकंड ज्यादा है। कोलंबिया का बैरेंक्विला पहले नंबर पर है, जहां 10 किमी का सफर 36 मिनट 6 सेकंड में पूरा होता है। कोलकाता 34 मिनट 33 सेकंड के साथ दूसरे स्थान पर है। पुणे 33 मिनट 27 सेकंड के साथ चौथे स्थान पर है। यह रिपोर्ट भारत के शहरों में बढ़ती ट्रैफिक समस्या को उजागर करती है।

कैसे तय होती है रैंकिंग?
टॉमटॉम ट्रैफिक इंडेक्स दुनिया भर के शहरों में ट्रैफिक की स्थिति का आकलन करता है। यह फ्लोटिंग कार डेटा का इस्तेमाल करता है। इस डेटा के आधार पर शहरों की रैंकिंग तय की जाती है। 737 बिलियन किमी के डेटा के आधार पर यह विश्लेषण किया जाता है कि पिछले एक साल में दुनिया भर में ट्रैफिक पैटर्न कैसे बदला है?

हैदराबाद 18वें स्थान पर
भारत के अन्य शहर भी इस सूची में शामिल हैं। हैदराबाद 18वें स्थान पर है, जहां यात्रा का समय 32 मिनट है। चेन्नई 31वें स्थान पर है, जहां 30 मिनट लगते हैं। मुंबई 39वें स्थान पर है, जहां 29 मिनट लगते हैं। अहमदाबाद 43वें स्थान पर 29 मिनट के साथ है। एर्नाकुलम और जयपुर दोनों 50वें स्थान पर हैं। एर्नाकुलम में 29 मिनट और जयपुर में 28 मिनट लगते हैं। नई दिल्ली 122वें स्थान पर है, जहां 23 मिनट लगते हैं।

बेंगलुरु दूसरे स्थान पर
कोलकाता से आगे निकलने के बावजूद बेंगलुरु दूसरे स्थान पर बना हुआ है। 2022 में इसे दुनिया का दूसरा सबसे धीमा शहर माना गया था। इसकी 10 किलोमीटर की दूरी पर औसत गति सिर्फ़ 18 किमी प्रति घंटा थी, जिससे यह उस साल भारत का सबसे धीमा शहर बन गया। लंदन, मिलान और टोरंटो जैसे शहर भी इसी तरह की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि शहरी ट्रैफिक जाम एक वैश्विक समस्या है।

25 लाख से ज्यादा कारें सड़कों पर
बेंगलुरु में निजी वाहनों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। यहां 25 लाख से ज्यादा कारें सड़कों पर चलती हैं। यह संख्या नई दिल्ली से भी ज्यादा है। हर दिन 2,000 नए वाहन रजिस्टर्ड होते हैं। इससे शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर पर और दबाव पड़ता है। यही बेंगलुरु के ट्रैफिक संकट का मुख्य कारण है। इस बढ़ते ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

Latest articles

बिहार के नए मुख्यमंत्री होंगे सम्राट चौधरी, NDA विधायक दल के नेता चुने गए, कल 11 बजे शपथ

पटना। सम्राट चौधरी बिहार के नए CM होंगे। उन्हें पहले बीजेपी फिर NDA विधायक...

मप्र के कई जिलों में भीषण लू का अलर्ट, पारा 44°C तक जाने के आसार

प्रदेश में रतलाम सबसे गर्म, पारा 41.2°C पहुंचा भोपाल। मध्य प्रदेश में अब बादलों और...

जनगणना-2027 के तहत ‘स्व-गणना’ पहल की शुरुआत

हरिद्वार। भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 के अंतर्गत पहली बार नागरिकों को ‘स्व-गणना’...

बीएचईएल की 61वीं वार्षिक आम बैठक में सीएमडी ने शेयरधारकों को किया संबोधित

हरिद्वार। बीएचईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के. सदाशिव मूर्ति ने कंपनी की 61वीं...

More like this

आशा भोसले पंचतत्व में विलीन, अंतिम विदाई देने पहुंचे आमिर-विक्की समेत कई सेलेब

मुंबई। दिग्गज गायिका आशा भोसले का रविवार 12 अप्रैल को 92 वर्ष की आयु...

एचपीसीएल में ‘निदेशक विपणन’ के लिए आवेदन आमंत्रित, महारत्न कंपनी में उच्च स्तरीय नेतृत्व का अवसर

मुंबई/भोपाल। ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख महारत्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड...

केरलम में शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन और ड्राइवर को पीटा, एक आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली। केरलम के मलप्पुरम जिले के वांडूर इलाके में शुक्रवार शाम कांग्रेस सांसद...