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ढाई लाख में MBA, 40 हजार में BSC, हर कोर्स की बना देता था फर्जी मार्कशीट, STF ने दबोचा जालसाज

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आगरा

उत्तर प्रदेश आगरा में एसटीएफ में एक ऐसे जालसाज को पकड़ा है। जिसके पास हजारों की संख्या में फर्जी दस्तावेज मिले हैं। उसके पास से बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, सिक्किम, झारखंड समेत कई देशभर की तमाम यूनिवर्सिटीज के फर्जी प्रपत्र मिले हैं। जिन्हें वह ऐसे लोगों को देता था। जो किसी प्राइवेट संस्थान में नौकरी या अपनी शादी करना चाहते थे। शातिर डेढ़ लाख एमबीए, 25 बीएससी और 15 हजार में हाइस्कूल से इंटरमीडिएट की मार्कशीट और प्रमाण पत्र देता था। धोखाधड़ी और जालसाजी के इस धंधे में वह करीब 20 साल से सक्रिय है। उत्तराखंड में वह अपनी खुद की यूनिवर्सिटी बनाने की तैयारी में था।

अर्जुन नगर वेस्ट का रहने वाला धनेश मिश्रा पुत्र मुन्ना लाल मिश्रा 12वीं परीक्षा पास करने के बाद से से धोखाधड़ी और जालसाजी के धंधे में उतर आया था। वह डॉ भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के साथ संपर्क में रहता था। धनेश मिश्रा के पिता एयरफोर्स से रिटायर्ड हैं। वह विश्वविद्यालय में चक्कर काटने वाले फरियादी स्टूडेंट से संपर्क करता था। उन्हें यूनिवर्सिटीज में एडमिशन कराने या फर्जी मार्कशीट बनवाने का लालच देता था। जो लोग इसके झांसे में आते थे। उनको फर्जी मार्कशीट और डिग्रियां देता था।

फर्जी मार्कशीट और डिग्रियां बनाने वाले ग्स यूनिवर्सिटी के मालिक सुकेश यादव के साथ भी इसके संपर्क बताई जा रहे हैं। आरोपी धनेश मिश्रा ने देश की कई ओपन यूनिवर्सिटीज से फ्रेंचाइजी ले रखी थीं। एडमिशन कोड के माध्यम से यह स्टूडेंट्स के इन यूनिवर्सिटीज में एडमिशन करता था। एसटीएफ ने आरोपी गणेश मिश्रा के पास से 942 फर्जी डिग्री व मार्कशीट पड़ी है। इसके अलावा 4 लैपटॉप, 12 आंसरशीट, डायरी, फीस रसीद शामिल हैं।

यूनिवर्सिटी खोलना चाहता था धनेश
धनेश मिश्रा के बारे में मिली जानकारी के अनुसार वह खुद की अपनी एक यूनिवर्सिटी खोलना चाहता था। इसके लिए उसने उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में कई बीघों में जमीन ले रखी है। धनेश को जानने वाले लोगों का कहना है कि वह महंगी शराब का शौकीन था। रोजाना 10 से 15 हजार की शराब पीता था। इसके अलावा वह कई देशों की यात्रा भी कर चुका है। धनेश ज्यादातर बाहर हो रहता था। उसके संपर्क देशभर की तमाम यूनिवर्सिटीज में था।

लंबे समय से लगी थी एसटीएफ
एसटीएफ आगरा में प्रभारी राकेश यादव ने बताया कि उन्हें लंबे समय से फर्जी मार्कशीट और डिग्रियों की शिकायतें मिल रही थी। धनेश को पकड़ने के लिए उन्होंने अपना नेटवर्क बिछाया था। बुधवार की रात को उसे अर्जुन नगर के पास से गिरफ्तार किया। गणेश के पास उन्हें 942 फर्जी दस्तावेज मिले हैं। जिनमें 108 फर्जी मार्कशीट और डिग्रियां है। चार लैपटॉप, 12 उत्तर पुस्तिकाएं समेत अन्य वस्तुएं शामिल हैं। जलसा जी कैसे वालों से सक्रिय हैं। उसके साथ अन्य लोगों के संपर्क को भी तलाशा जा रहा है।

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